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सीएचसी में वर्षों पहले आई लाखों की मशीनें बेकार

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कैराना सीएचसी पर कमरे में बंद रखी हेल्थ एटीएम मशीन। - फोटो : SHAMLI
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सीएचसी में वर्षों पहले आई लाखों की मशीनें बेकार
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शामली, कैराना। स्वास्थ्य विभाग जहां गरीब मरीजों के लिए करोड़ों रुपये खर्च करता है, वहीं कैराना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाखों की कीमत की जांच करने की मशीनें तो आ गईं, लेकिन मशीनें किसी न किसी कारण बंद पड़ी हैं। लाखों रुपये खर्च होेने के बाद भी उनका फायदा गरीब मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में गरीब मरीज अपनी जांच कराने के लिए प्राइवेट लैब पर जाते हैं।
करीब दो साल पहले कैराना सीएचसी पर लाखों की कीमत की सीबीसी (कंपलीट ब्लड काउंट) मशीन आई थी। इस मशीन से मरीज के खून में वायरल इन्फेक्शन, प्लेटलेट्स, हीमोग्लोबिन आदि जांच होती है। लेकिन मशीन कई बार गलत रिपोर्ट दे देती है। जिस कारण इसकी रिपोर्ट पर डॉक्टर विश्वास नहीं करते और गरीब मरीजों को प्राइवेट लैब पर जाना पड़ता है। डेढ़ साल पहले सीएचसी पर केएफटी व एलएफटी (किडनी फंक्शन टेस्ट व लीवर फंक्शन टेस्ट) की लाखों की कीमत की मशीन भी आई थी। लेकिन डेढ़ साल बीतने के बाद भी मशीन में जांच करने के लिए जरूरी केमिकल आज तक नहीं आया। जिस कारण मशीन लैब में पड़ी धूल फांक रही है।
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ईएसआर व यूरिन टेस्ट की मशीन ही सही काम कर रही है। सीएचसी के प्रयोगशाला सहायक सुनील कुमार ने बताया कि सीबीसी की मशीन कई बार गलत रिपोर्ट देती है और केएफटी व एलएफटी मशीन का अभी तक केमिकल नहीं आया है। उधर, पांच दिन पहले भी कैराना सीएचसी पर हेल्थ एटीएम मशीन लाई गई है। जो कमरा नंबर चार के एक कोने में रखी है। पांच दिन में हेल्थ एटीएम से एक भी मरीज की जांच नहीं की गई। मामले में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र चौरसिया ने बताया कि सीएमओ ने हेल्थ एटीएम चलाने के लिए दो टेक्नीशियन की मांग की है। जल्द ही एटीएम का उद्घाटन कराने के साथ ही टेक्नीशियन की पोस्टिंग कराई जाएगी। जिससे मरीजों को इसका लाभ मिल सकें। इसके अलावा सीबीसी मशीन के लिए इंजीनियर बुलाने व केएफटी मशीन के लिए केमिकल मंगाने के लिए सीएमओ को पत्र लिखा जाएगा।
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