शामली में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न मिलने पर रालोद कार्यकर्ताओं में गुस्सा भड़क गया। अपर दोआब शुगर मिल शामली के अधिकारियों को उनके कार्यालय में सात घंटे बंधक बनाया और कार्यालय में ही धरना देकर बैठ गए। देर शाम एक सप्ताह में 12 करोड़ रुपये के भुगतान के आश्वासन पर धरना समाप्त हो गया।
गौरतलब है कि गत 26 मई को रालोद ने शामली शुगर मिल के गेट पर धरना प्रदर्शन किया था, जिसमें रालोद महासचिव जयंत चौधरी सहित तमाम नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे थे। तब शुगर मिल अधिकारियों और जिला गन्ना अधिकारी ने वादा किया था कि हर सप्ताह नियमित रूप से किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराया जाएगा। उस वादे पर मिल प्रबंधन खरा नहीं उतरा, जिस कारण रालोद कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया।
सोमवार दोपहर करीब एक बजे रालोद नेताओं और कार्यकर्ताओं की भीड़ शुगर मिल के दफ्तर में पहुंची। वहां यूनिट हेड आरबी खोखर, जीएम (केन) आरएस सहरावत, एजीएम (केन) नरेश कुमार को दफ्तर में बंधक बना लिया। कार्यालय परिसर में ही दरी बिछाकर बैठ गए और चेतावनी दे दी कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान लेकर ही यहां से उठेंगे।
वहीं, जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती को भी वहां बुला लिया गया। रालोद नेताओं का कहना था कि मिल प्रबंधन किसानों के साथ धोखा कर रहा है। गन्ना पेराई सत्र समाप्त हो गया। शामली शुगर मिल पर 135 करोड़ रुपये बकाया हैं। वादा करने के बावजूद भुगतान नहीं दिया जा रहा, जबकि भुगतान ना मिलने की वजह से किसानों की हालत खराब हो रही है। मिल अधिकारियों ने कहा कि वह प्रबंधन से बात करके जल्द भुगतान कराएंगे। इस दौरान पूर्व विधायक बलबीर सिंह, रालोद जिलाध्यक्ष ऋषिराज राझड़, पूर्व विधायक रतनपाल पंवार, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तरसपाल मलिक, सतबीर पंवार, जिला पंचायत सदस्य देशराज भनेडा, मुकेश सैनी, चौधरी वाजिद अली, कंवरपाल मालेंडी, जावेद जंग, सनोज चौधरी, रामकुमार वर्मा, रजनीश कोरी, विकास धीमान, आशुतोष पंवार, सतेंद्र मालेंडी, कालूराम लिलौन, गोपाल प्रधान, सुनील आदि रहे।