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पीपीपी मॉडल पर शामली में बनेगा मेडिकल कॉलेज

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शामली। लखनऊ में बृहस्पतिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में शामली समेत 16 जिलों में पीपीपी मॉडल आधारित मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मंजूरी मिल गई है। जिसके बाद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।
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एक मार्च 2020 को सीएम योगी ने शामली में पुलिस लाइन के शिलान्यास किया था। समारोह में उन्होंने पीपीपी मॉडल पर शामली में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की घोषणा भी की थी। जिला प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए पूर्वी यमुना नहर किनारे जिला संयुक्त अस्पताल और सीएमओ कार्यालय के बीच 4.8 हेक्टेयर भूमि के आवंटन का प्रस्ताव बनाकर राजस्व परिषद को मंजूरी के लिए भेजा था। भूमि आवंटन के प्रस्ताव अभी लंबित है। बृहस्पतिवार को यूपी कैबिनेट की बैठक में शामली समेत 16 जिलों में पीपीपी मॉडल पर आधारित मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मंजूरी मिल गई। सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल ने बताया कि यूपी कैबिनेट की बैठक में पीपीपी मॉडल आधारित मेडिकल कालेज की स्थापना की मंजूरी के बाद उत्तर प्रदेश चिकित्सा एवं शिक्षा विभाग निर्माण कार्य शुरू करेगा।
दूूसरे राज्यों में मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा
- मेडिकल शिक्षा के लिए जिला मुख्यालय पर उपलब्ध होगी सुविधाएं
शामली। जिले में स्वास्थ्य सेवाएं न होने से यहां के गंभीर बीमारी के मरीजों को मेरठ मेडिकल, दिल्ली, हरियाणा के रोहतक और चंडीगढ़ पीजीआई में ले जाना पड़ता था। जिससे आम नागरिकों अतिरिक्त खर्चा करना पड़ता था।
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जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज की सुविधा होने पर शामली जिले के मरीजों को हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और मेरठ मेडिकल कॉलेज नहीं जाना पड़ेगा। दूसरे प्रदेशों के पीजीआई और मेडिकल कॉलेज की सुविधा उपलब्ध होगी। दूसरे मेडिकल कॉलेज में मेडिकल की पढ़ाने करने के लिए छात्र-छात्राओं को नहीं जाना पड़ेगा। प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने बताया कि प्रदेश में 2017 से पहले कुल 12 मेडिकल कॉलेज थे। भाजपा की सरकार आने के बाद 40 नए मेडिकल कॉलेज पीपीपी मॉडल प्रस्तावित हैं। जिसमें शामली में पीपीपी माडल शामली मेडिकल कॉलेज में शामिल था।
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