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Shamli News: मास्टरमाइंड बॉबी ने मेरठ के व्यापारी से मिलकर रची थी लूट की साजिश

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शामली। एक सप्ताह पहले पानीपत के धागा व्यापारी ललित जैन के मुनीम अनिल नरवाल से 32 लाख रुपये की लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस का दावा है कि लूट की घटना का मास्टरमाइंड बॉबी है। उसने मेरठ के व्यापारी से मिलकर लूट की साजिश रची थी। पुलिस इस घटना में शामिल दो लुटेराें और साजिश में शामिल कार मालिक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मास्टर माइंड समेत पांच आरोपी अभी फरार हैं।
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एसपी रामसेवक गौतम ने सोमवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि रविवार देर शाम एसओजी और कोतवाली पुलिस के साथ मुठभेड़ में दो आरोपी मोहित और शुभम उर्फ गौरव निवासी गांव भेड़ापुर थाना चांदीनगर जिला बागपत को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से दस लाख रुपये, दो तमंचे, कारतूस आदि बरामद हुए। इनके अलावा लूट की साजिश में गुलशन मीणा निवासी सेक्टर चार वैशाली थाना कौशांबी गाजियाबाद, रवि और अमरजीत निवासी बंथला थाना लोनी गाजियाबाद को गिरफ्तार किया गया।
एसपी के मुताबिक गुलशन घटना में प्रयुक्त बुलेरो का मालिक है। बुलेरो को किराए पर रवि चला रहा था। वैगनआर कार अनस निवासी कंचन पार्क लोनी के नाम रजिस्टर्ड है। इस कार को अमरजीत द्वारा किराए पर चलवाने के लिए दे रखा था। अमरजीत की टूर एंड ट्रैवल्स कंपनी है। रवि की जान पहचान भैड़ापुर निवासी बॉबी से थी, जो अक्सर रवि से गाड़ी को किराए पर ले जाता था।
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एसपी ने बताया कि बॉबी इस घटना का मास्टरमाइंड है। पुलिस की जांच में सामने आया कि बॉबी ने मेरठ के किसी व्यापारी से मिलकर लूट की साजिश रची और इसमें अपने साथियों को साथ लिया। इस वारदात में शामिल सागर व बॉबी निवासी भेड़ापुर, राहुल निवासी शालीमार गार्डन गाजियाबाद और रोहन निवासी खैला थाना चांदीनगर बागपत अभी पकड़ में नहीं आए हैं, उनकी तलाश में पुलिस टीमें लगी हुई हैं।
एसपी का कहना है जांच में सामने आया कि बॉबी मेरठ के अपने परिचित किसी व्यापारी के संपर्क में था। व्यापारी ने बॉबी को मुनीम द्वारा रुपये कलेक्शन कर ले जाने की जानकारी दी थी। बॉबी के पकड़े जाने पर व्यापारी के बारे में पता चल सकेगा। एसपी ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। इस दौरान एएसपी संतोष कुमार सिंह, सीओ सिटी अमरदीप मौर्य, सीओ क्राइम अक्षिता मौजूद रहे।
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यह थी घटना
हरियाणा के पानीपत स्थित शंकर सपनटैक्स के मुनीम अनिल नरवाल निवासी कहलपा थाना बरोदा जिला सोनीपत हरियाणा से तीन जून की शाम को भारत सरकार स्टीकर लगी बुलेरो और वैगनआर कार सवार चार बदमाशों ने जीएसटी अधिकारी बताकर 32 लाख रुपये से भरा बैग, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड लूट लिया था। उस समय मुनीम कार से चालक सतनाम सिंह निवासी पानीपत के साथ मेरठ से रुपये का कलेक्शन करके पानीपत लौट रहे थे।
- पुलिस ने तीन राज्यों के 500 सीसीटीवी कैमरे खंगाले
एसपी ने बताया कि लूट के खुलासे के लिए कोतवाली पुलिस के साथ एसओजी, क्राइम ब्रांच, सर्विलांस टीम को एएसपी और सीओ सिटी के नेतृत्व में लगाया गया था। पुलिस टीमों ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा व दिल्ली में बदमाशों की तलाश में लगभग 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। बदमाश लूट करने के बाद हाईवे पर टोल प्लाजा से बचकर दूसरे रास्तों से भागे थे। बदमाशों ने पुलिस से बचने के लिए दोनों गाड़ियों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाईं थीं और रास्तों में पांच नंबर प्लेट बदलीं थींं।
- राहुल बना था जीएसटी अधिकारी
एसपी के मुताबिक लूट के लिए पहले से योजना बनाई गई थी। भारत सरकार का स्टीकर लगी बुलेरो को सिंभालका बाईपास के निकट हाईवे पर किनारे खड़ा किया और दूसरी वैगनआर कार को उसके पास रोककर यह दिखाने की कोशिश की कि वे इस कार की जांच कर रहे हैं। राहुल जीएसटी अधिकारी बना था। जैसे ही मुनीम की कार आई तो उसे भी चेकिंग के लिए रोका गया और लूट की घटना की।
- आठ व्यापारियों से 25 लाख रुपये का कलेक्शन किया
मुनीम ने पहले 29 लाख रुपये की लूट होना बताया था। कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में 32 लाख रुपये बताए गए। एसपी ने बताया कि मुनीम को साथ लेकर मेरठ में जब रुपये के कलेक्शन के बारे में जानकारी की गई तो जांच में आठ व्यापारियों से 25 लाख रुपये का कलेक्शन होना सामने आया है। एसपी का कहना है कि बदमाशों को एक करोड़ रुपये से ज्यादा रकम का कलेक्शन होने की जानकारी दी गई थी। बदमाश मेरठ से पीछे लगे थे।
एसपी ने बताया इस घटना में डकैती व धोखाधड़ी की धारा बढ़ाई गई है। बदमाशों पर गैंगस्टर की कार्रवाई करने के साथ हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी। बदमाशों ने अपने शौक पूरे करने के लिए इस तरह की वारदात पहली बार करना बताया है। सभी बदमाशों ने रकम को आपस में बांटना तय किया था। बदमाशों ने सोचा था कि व्यापारी कलेक्शन के रुपये का लिखित में रिकार्ड नहीं होगा और वह रिपोर्ट भी नहीं लिखवाएगा। इसलिए जीएसटी के अधिकारी बनकर लूट की थी।
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