शामली। करवा चौथ पर महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जल व्रत रखा। दिन भर सजने संवरने के बाद शाम को पूजा की। रात को चांद के दर्शन के बाद छलनी में चांद और पति को देखा और व्रत खोला। पति ने भी उन्हें उपहार दिए।
सुबह से ही सुहागिनों में करवा चौथ के पर्व को लेकर उत्साह रहा। महिलाओं ने शुभ मुहूर्त के समय ही करवा चौथ पूजन किया और कथा सुनी। कुछ जगह सामूहिक रूप से गली मोहल्लों में महिलाएं एक दूसरे के यहां जाकर बुजुर्ग महिलाओं कथा सुनी। शाम को घर में पकवान बनाए और बायना पूजते हुए अपनी सास एवं अन्य बुजुर्गों को दिया।
इसके बाद चांद निकलने का इंतजार शुरू हो गया। महिलाएं शाम से ही चांद का इंतजार करने के लिए छतों पर मौजूद थीं। चंद्र दर्शन होते ही आतिशबाजी भी हुई। इसके बाद महिलाओं ने चंद्रदर्शन कर छलनी में पति का दीदार किया और चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपने पति के हाथ से पानी पीकर अपना व्रत खोला। शहर में कई जगह लोगों ने आतिशबाजी की। कैराना, झिंझाना, जलालाबाद में भी महिलाओं ने सोलह शृंगार कर करवा चौथ का व्रत रखा
पत्नियों ने वीडियो कॉल से किया दीदार
शामली। करवा चौथ का पर्व है और कुछ पत्नियों के पति मुंबई के साथ ही विदेशों में है। ऐसी महिलाओं ने वीडियो कॉल कर पति के दर्शन किए।
रात 8 बजे चांद निकलने पर गांव कुड़ाना में मनीषा ने वीडियों कॉल के माध्यम से चीन के डालियन शहर में योग शिक्षक विकास का दीदार कर व्रत खोला। वहीं मुंबई में योग शिक्षक के रूप में कार्य कर रहे अमित मलिक की पत्नी सोनिया ने भी चांद निकलने पर फोन से वीडियो कॉल करते हुए चेहरा देख व्रत खोला। इसके साथ ही चीन के लीजो शहर में योग शिक्षक सुभाष की पत्नी ने भी वीडियो कॉल से चेहरा देखते हुए व्रत खोला।
पहली बार व्रत की खुशी में दिनभर नहीं लगी प्यास
शहर की राधिका गुप्ता का पहला करवा चौथ रहा। महिला का कहना है कि करवा चौथ पति-पत्नि के विश्वास का प्रतीक है। इस पर्व का दांपत्य जीवन में एक अलग महत्व है। हिमानी गर्ग का कहना है कि पहली बार व्रत की खुशी में दिनभर उसे प्यास भी नहीं लगी।
ऊन में करवा चौथ के व्रत की कथा सुनती महिलाएं। संवाद