बाबरी क्षेत्र के एक गांव से दो दिन पहले लापता हुई किशोरी की तलाश में तभी से उसके दोनों भाई और पिता जुट गए थे। वह दिन-रात उसको तलाश रहे थे और उसके नहीं मिलने पर सोमवार को बाबरी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। सोमवार को किशोरी और युवक के जहरीला पदार्थ निगलने की सूचना पर मेरठ मेडिकल पहुंचे तो वहां उन्हें किशोरी की मौत होने का पता चला। इसके कुछ घंटों बाद ही देशपाल की भी मौत हो गई।
बाबरी क्षेत्र के एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने वाली 15 साल की किशोरी 13 सितंबर को घर से बिना बताए लापता हो गई थी। तभी से 45 साल का देशपाल कश्यप भी लापता हो गया था। दोनों के परिजनों को उनके एक साथ जाने के बारे में कुछ पता नहीं चला। इसके चलते दोनों के परिवार वाले खुद ही अलग-अलग उनकी तलाश में जुटे हुए थे। देशपाल के घर में पत्नी और पांच बच्चे हैं। किशोरी दो भाइयों की इकलौती बहन थी।
परिजनों ने बताया कि जून माह में ईंट भट्ठे बंद होने के बाद गांव में आकर रहने लगे थे। इसके बाद भी देशपाल कश्यप बार-बार किशोरी के पिता से मिलने के लिए घर आने लगा। किशोरी तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर की थी और उसने आठवीं कक्षा पास करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी।
भाई ने बताया कि उन्होंने शामली समेत आसपास की सभी रिश्तेदारियों में उसे तलाश किया। उनकी बहन के शादीशुदा युवक से बातचीत होने के बारे में परिवार वालों को कुछ पता नहीं है। वहीं बाबरी थाना पुलिस भी अपने यहां गुमशुदगी दर्ज होने के बाद घटना की जानकारी मिलने पर मेडिकल कॉलेज में पहुंची।
लोगों का लगा दो शव पड़े हुए हैं, देखकर मच गया हड़कंप
बावली अंडरपास के पास जहां शादीशुदा युवक व किशोरी अचेत पड़े हुए थे। वहां से गुजर रहे लोगों ने उनको पड़े हुए देखा तो ऐसा लगा कि दो शव पड़े हुए हैं। पुलिस पहुंची तो छानबीन करने पर पता चला कि दोनों जिंदा हैं। पुलिस उनको तुरंत ही बड़ौत सीएचसी लेकर पहुंची तो वहां से जिला अस्पताल और वहां से मेरठ मेडिकल कॉलेज के लिए उनको रेफर किया गया। वहां जाकर ही दोनों की मौत हुई।
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