यूक्रेन में पढ़ाई कर रहा कुतुबगढ़ निवासी वैभव।
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शामली। यूक्रेन के खराब होते हालातों को लेकर वहां पढ़ाई कर रहे छात्रों के परिजनों की सांसें अटकी हैं। बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थति में केंद्र सरकार की सलाह के बाद छात्रों के परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। वह अपने बच्चों की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।
झिंझाना कस्बे के चिकित्सक डॉ. रामनिवास कश्यप का पुत्र प्रशांत भी यूक्रेन की जफरोजिया मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। डॉ. रामनिवास कश्यप ने बताया कि रूस और यूक्रेन के बढ़ते तनाव से बेटे की कुशलता की चिंता सताने लगी है। दिन में दो से तीन बार प्रशांत कश्यप से बात हो रही हैं। प्रशांत ने बताया कि वह ठीक है, घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। भारतीय दूतावास से भी हमारे फार्म भर चुके हैं, अगर स्थिति ज्यादा नाजुक होती है तो हमें तुरंत वहां से भेज दिया जाएगा। एमबीबीएस तीसरे वर्ष की परीक्षा के चलते पढ़ाई भी सख्त चली रही है। जिसके कारण एकदम भी आना नहीं हो रहा है। जबकि यूनिवर्सिटी भी सुरक्षा का आश्वासन दे रही है। हम रूस और यूक्रेन बॉर्डर से काफी बड़ी दूरी पर है। डॉ. रामनिवास कश्यप ने बताया प्रशांत ने सकुशल बताने पर फिर भी मन चितिंत रहता है और ईश्वर से प्रार्थना करते है दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव को कम करें ओर आपसी भाईचारा बना रहे।
थानाभवन। क्षेत्र के गांव कुतुबगढ़ निवासी आर्मी के सूबेदार विक्रांत शर्मा का पुत्र वैभव शर्मा एमबीबीएस की शिक्षा ग्रहण के लिए तीन वर्ष पूर्व यूक्रेन गया था। विक्रांत शर्मा पंजाब के अमृतसर में तैनात हैं। इस समय यूक्रेन के हालात काफी खराब हैं। रूस के यूक्रेन पर हमला किए जाने की आशंकाओं से सभी घिरे हुए हैं। युद्ध की आशंकाओं के चलते भारत ने भी अपने नागरिकों के लिए यूक्रेन छोड़ने की सलाह दी है।
यूक्रेन में फंसे वैभव शर्मा के ताऊ प्रवीन शर्मा ने बताया कि यूक्रेन के हालात काफी गंभीर हैं। कभी भी कुछ भी हो सकता है। भतीजे वैभव से बात हुई थी, उसने बताया कि वह सुरक्षित है। लेकिन रूस के हमले की आशंका को देखते हुए हर कोई भयभीत है। भारत के करीब 18 हजार नागरिक यूक्रेन में फंसे हुए हैं। जो वहां से निकलने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन फ्लाइट नहीं मिल रही है। 50 हजार रुपये का किराया बढ़ाकर करीब 2 लाख कर दिया गया, जिस कारण सभी परेशान हैं। बाजारों में खाद्य पदार्थों के दामों में भी इजाफा हो गया है। हर कोई बुरे समय से निपटने का प्रबंधन कर रहा है। बाजारों में भीड़भाड़ और मारामारी को देखते हुए लोगों में दहशत बनी हुई है। वापस देश लौटने के लिए भारतीय नागरिक लगातार भारतीय दूतावास के अधिकारियों से संपर्क कर रहे है। छात्र के यूक्रेन में फंसे होने से परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
यूक्रेन में पढ़ाई कर रहा झिंझाना निवासी प्रशांत।- फोटो : SHAMLI