शामली के कैराना के ग्राम पंजीठ में दो दिन पूर्व हिंदू परिवारों के पलायन के प्रयास की अफवाह पर विराम लगाते हुए ग्राम प्रधान के आवास पर कई बिरादरी की पंचायत का आयोजन किया। पंचायत में दोनों समुदाय के लोगों ने भारी संख्या में हिस्सा लेते हुए एक सुर में कहा कि उनके गांव में हिंदू मुस्लिम भाई भाई की तरह रहते हैं। अगर किसी ने उनके बीच धर्म की दीवार खड़ी करने का प्रयास किया तो ऐसे असामाजिक तत्वों को दोनो समुदाय के लोग मिल कर मुंह तोड़ जवाब देगे।
रविवार सुबह आठ बजे ग्राम पंजीठ में ग्राम प्रधान इरशाद के आवास पर पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में बोलते हुए प्रधान इरशाद ने कहा कि कुछ लोग उनके गांव में हिंदू परिवार के पलायन की झूठी अफवाह फैला कर शांति भंग करने की साजिश रच रहे हैं। उनके गांव में हिंदू मुसलमानों के बीच कोई विवाद नहीं है।
मीडिया की सुर्खियां बनने से गांव वालों के दिलों में ठेस पहुंची है। आज भी गांव में ही दोनों समुदाय के लोग रह रहे हैं। केवल गांव से सैनी समाज के दो परिवार 20 साल पहले व्यापार के लिए बाहर गये थे। समाजसेवी पुष्कर सैनी ने कहा कि गांव में शांति है। अगर किसी को परेशानी थी तो पंचायत में आकर बताना चाहिए था। घर में बैठ कर पंचायत करके अफवाह फैलाने से गांव में हालात बिगाड़ना ठीक नहीं है।
आदेश शर्मा ने कहा कि वो पानीपत में काम करता है। उसकी गैर मौजूदगी में उसके मकान पर ताला लगा कर अफवाह फैला दी कि पलायन हो गया। बोनिश शर्मा ने पलायन का खंडन किया, जबकि गांव में अमन व शांति है। गांव में हिंदू मुस्लिम भाई भाई की तरह रहते आ रहे हैं।
कुछ असामाजिक तत्व अफवाह फैला कर उनके गांव का अमन शांति छीनना चाहते हैं। त्रिलोक सैनी, डिंपल सैनी, विरेंद्र कश्यप, नानू कश्यप, सुभाष कश्यप, मास्टर विरेन्द्र, रामवीर कश्यप, भोपाल कश्यप, बीरा वाल्मीकि, रमेश वाल्मीकि, सुन्दर, अमर सिंह, धर्म सिंह, सोनू , सुनील सैनी, राकेश, राजेन्द्र, सुरेन्द्र शर्मा, लोकेश शर्मा, केशव शर्मा, अमर सिंह शर्मा के अलावा सैकड़ों की संख्या में दोनों समुदाय के लोग मौजूद रहे।