शामली। बूूंदाबांदी से आलू की खोदाई कई दिन तक प्रभावित होगी। साथ ही आलू में गलन और सड़न पैदा हो जाएगी। फूल और पत्ता गोभी की फसल में रोग बढ़ने की संभावना बढ़ जाएगी।
शामली कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर विकास मलिक ने बताया कि बूंदाबांदी से समय से हुई गेहूं, गन्ना को फायदा होगा। पछैती गेहूं की बुआई से बूंदाबांदी से नुकसान पहुंचेगा। मौजूदा समय में आलू में कंद बन रहा है। बूंदाबांदी से आलू गलन और सड़न पैदा हो जाएगी। खोदाई चल रहे आलू के बाद लंबे समय तक स्टोर में नहीं रखा जा सकता है। बूंदाबांदी से पत्ता गोभी में बीमारी का कम असर रहेगा। फूल गोभी का फूल सफेद से पीला पड़ जाएगा। उनका कहना है कि प्याज की पौध की बुआई चल रही है। बूंदाबांदी होने से एक सप्ताह प्याज की पौध की बुआई प्रभावित होने की संभावना है। यदि ज्यादा बारिश और ओला वृष्टि हुई, तो टमाटर, मूली, शलजम, गोभी, आलू को भारी नुकसान होगा।