शामली। जिले में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना भूमि के अभाव में अटक गई है। जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण नई औद्योगिक परियोजनाओं की कार्ययोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है, जिससे उद्यमियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
दिल्ली-शामली-सहारनपुर, मेरठ-करनाल हाईवे, पानीपत-खटीमा हाईवे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी परियोजनाओं के कारण जिले में औद्योगिक विकास की संभावनाएं बढ़ी हैं। इसी को देखते हुए शासन ने नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि तलाशने के निर्देश दिए थे।
यूपीसीडा और जिला उद्योग केंद्र की ओर से 50-50 एकड़ भूमि की मांग की गई थी। इसके लिए लिसाढ़ और खोड़समा में भूमि का निरीक्षण किया गया। खोड़समा की भूमि उपयुक्त मिलने के बाद प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन वन विभाग के दावे के कारण विवाद होने पर यूपीसीडा ने भूमि लेने से इनकार कर दिया।
इसके बाद जिला उद्योग केंद्र की उपायुक्त रितिका गुप्ता ने नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए डीएम को प्रस्ताव भेजा है। डीएम आलोक कुमार यादव ने एडीएम और सभी एसडीएम को भूमि तलाशने के निर्देश दिए हैं।
वहीं दिल्ली-देहरादून और अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे के बीच एक हजार एकड़ भूमि के प्रस्ताव पर भी काम चल रहा है। छह गांवों की भूमि का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन बिजली की हाईटेंशन लाइन आने से परियोजना लंबित है।
भूमि उपलब्ध होने के बाद औद्योगिक परियोजनाओं को लागू कराने का कार्य किया जाएगा। - रितिका गुप्ता, उपायुक्त उद्योग