वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए भूमि का समतलीकरण कार्य शुरू
शामली। क्षेत्र के गांव खेड़ीकरमू के निकट लगाए जाने वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए सिंचाई विभाग की करीब 150 वर्ग फीट भूमि के समतलीकरण का कार्य शुरू कर दिया है।
शामली शहर से निकलने वाले गंदे पानी को ट्रीटमेंट कर सिंचाई योग्य बनाए जाने के लिए गांव खेड़ीकरमू और लिलौन के बीच नाले के निकट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाना प्रस्तावित है। यह प्लांट दिल्ली की सेंटर फॉर अर्बन एंड रीजनल एक्सीलेंस (क्योर) संस्था द्वारा नगरपालिका और निर्मल हिंडन संसाधन केंद्र के सहयोग से लगा रही है। यह उनका पायलट प्रोजेक्ट है। क्योर के नोडल अधिकारी प्रणव भारद्वाज ने बताया कि नाले में बहकर आने वाले गंदे पानी को ट्रीट कर सिंचाई योग्य बनाया जाएगा। पानी को एनारॉबिक रीड बैड सिस्टम से ट्रीट किया जाएगा, जिसमेें पानी में मौजूद हानिकारक तत्व निकाले जाएंगे। साथ ही वन विभाग के सहयोग से जल पट्टी ईको सिस्टम संस्था बटरफ्लाई पार्क बनाएगी, जिसमें ट्रीट हुए पानी का इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में करीब नौ लाख रुपये की लागत आएगी। शहर से प्रतिदिन 15 एमएलडी गंदा पानी निकलता है। इस प्लांट से 10 हजार लीटर पानी प्रतिदिन ट्रीट होगा। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने इसके इसके लिए सिंचाई विभाग की 150 वर्ग मीटर जमीन उपलब्ध कराई है। मंगलवार को इस भूमि पर सफाई और समतल करने का काम शुरू हो गया है। भूमि की सफाई और समतल होने के बाद चिन्हीकरण कर निर्माण शुरू होगा। उन्होंने दो माह में निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद जताई है।