फिर से निर्मल और अविरल होगी कृष्णा नदी
शामली। प्रदूषण और अतिक्रमण के चलते अपना अस्तित्व खो रही कृष्णा नदी के दिन भी जल्द बहुरेंगे। नदी को निर्मल और अविरल बनाने के लिए प्रशासन ने खास प्लान तैयार किया है। इस पर इसी सप्ताह कार्य शुरू हो जाएगा। नदी के दायरे में आने वाली 27 ग्राम पंचायतों में जल्द कई काम होंगे। नदी किनारे अतिक्रमण हटाकर खेल के मैदान बनाने और नए नाले खुदवाकर गंदा पानी उनमें डालने की योजना है।
एक समय था जब नदी किनारे हरियाली लहराती थी, लेकिन धीरे धीरे आसपास की फैक्ट्रियों, कस्बों का गंदा पानी नालों के जरिये नदी में आने लगा और नदी का पानी दूषित होने लगा। इससे न केवल हरियाली कम हुई बल्कि नदी किनारे गांवों में बीमारियाें का प्रकोप भी बढ़ गया है। नदी केे दूषित पानी से बहावड़ी गांव में तो 10 से ज्यादा लोग को कैंसर होने की शिकायत शासन तक की है। मामला एनजीटी तक पहुंचा तो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप भी किए, लेकिन इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। दूषित पानी और अतिक्रमण के चलते ये नदी धीरे धीरे जिले में अपना अस्तित्व ही खो रही है। लिहाजा प्रशासन ने इस नदी की कालापलट का प्लान तैयार किया है।
ये है प्रशासन की योजना
शामली जनपद में इस नदी का कुल दायरा 52 किमी है। मुख्य रूप से इसमें 27 ग्राम पंचायतें आती हैं। हालांकि कुछ और छोटे गांव, मजरे भी इसमें शामिल हैं। डीएम के अनुसार सबसे पहले इस नदी किनारे पड़ने वाली सरकारी जमीन की रिकार्ड के अनुसार पैमाइश कराई जाएगी। पता किया जाएगा किस ग्राम पंचायत मेें नदी किनारे कितनी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण है। यदि उस जमीन पर कब्जा किया गया है तो उसे भी हटवाया जाएगा।
बनेंगे खेल के मैदान, खुदेंगे नाले
इसके बाद ग्राम पंचायतें प्रशासन का सहयोग लेकर उस अतिक्रमण को हटवाएंगे। नदी किनारे मिनी खेल के मैदान विकसित होंगे ताकि वहां एक खुशनुमा माहौल बन सके। इसके बाद वह ग्राम पंचायतें चिह्नित की जाएंगी, जिनमें किसी गंदे नाले का पानी नदी में जा रहा होगा। जहां पर ये स्थिति मिलेगी, उन ग्राम पंचायतों में नदी किनारे अलग से नाले खुदवाए जाएंगे ताकि गंदा पानी नदी में न जाए।
मनरेगा और वित्त आयोग की धनराशि से होगा काम
डीएम ने बताया कि खेल के मैदान बनाने, नालों की खुदाई आदि कराने के लिए ग्राम निधि, मनरेगा के अलावा 14वें और राज्य वित्त आयोग की धनराशि से काम किया जाएगा। स्वयं सेवी संस्था या ग्राम प्रधान स्तर पर भी इसमें सहयोग किया जाएगा। होने वाले काम को पहले चिह्नित किया जाएगा इसके बाद स्टीमेट बनाकर काम होगा।
इसी सप्ताह होगी प्रधानों की कार्यशाला
डीएम अखिलेश सिंह के अनुसार खेड़ीकरमू, लिलौन ग्राम पंचायतों ने अपने गांव से अलग से नाला खुदवाकर दूषित पानी से निजात के लिए अच्छा कार्य किया है। प्रशासन इसी सप्ताह इनमें से किसी एक गांव में कृष्णा नदी क्षेत्र में पड़ने वाले सभी ग्राम प्रधानों की एक कार्यशाला करेगा। जिसमें उक्त ग्राम प्रधान अपने यहां कराए गए कार्य के बारे में सभी प्रधानों को जानकारी देंगे। संबंधित विभागीय अधिकारी भी इसमें बुलाए जाएंगे। कृष्णा नदी क्षेत्र में पड़ने वाली ग्राम पंचायत चंदेनामाल, दभेड़ीखुर्द, दखौड़ी जमालपुर, जलालपुर, गौंसगढ़ अहाता, सोंटा, थानाभवन, कैड़ी बाबरी, रशीदगढ़, बंतीखेड़ा, हसनपुर, बनत, काबड़ौत, बहावड़ी सुन्ना, डांगरौल, राजपुर, किवाना, मतनावली आदि हैं।
जलालाबाद में कृष्ण नदी का बुरा हाल- फोटो : SHAMLI
कांधला क्षेत्र के गांव डांगरौल में कृष्णा नदी का बुरा हाल- फोटो : SHAMLI