- बेटे के हत्यारों की सजा पर बोला सदाकत का परिवार
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
चौसाना। 15 साल बाद सदाकत के हत्यारों को उम्रकैद की सजा होने पर उसके परिवार को शांति मिली है। परिवार का कहना है कि न्यायालय पर भरोसा था।
मई 2007 में गैर समुदाय की लड़की के साथ प्रेम संबंधों में सदाकत पुत्र मकसूद निवासी चौसाना की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप युवती के परिजनों पर लगा था। घटना में मृतक के बड़े भाई कय्यूम की तहरीर पर प्रमोद, राजबीर, सुंदर, सतपाल, मान सिंह व सोनू के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने वारदात में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। हत्या में आरोपी सुंदर की मौत हो चुकी है।
शुक्रवार को न्यायालय ने बाकी पांचों आरोपियों को उम्रकैद की सजा के साथ दस-दस हजार का जुर्माना लगाया। हत्यारोपियों को उम्रकैद की सजा पर सदाकत के परिजनों ने खुशी जाहिर करते हुए न्यायालय पर भरोसा होने की बात कही है। मुकदमे के वादी कय्यूम ने कहा कि हत्यारोपियों को सजा दिलाने के लिये 15 साल की लंबी लड़ाई लड़ी है। लेकिन हमें अपनी न्याय व्यवस्था पर भरोसा था। अदालत के फैसले से हम संतुष्ट हैं।
बूढ़े मां-बाप का लाडला था सदाकत
चौसाना। 22 मई 2007 को गैर समुदाय की लड़की के साथ प्रेम संबंधों की सजा 14 साल के किशोर को अपनी जान गवांकर मिली। युवती के परिजनों ने कमीज से गला घोंटकर सदाकत की हत्या कर दी थी। बेटे के हत्यारोपियों को उम्रकैद की सजा से 85 वर्षीय बूढ़े मां-बाप के दिल को तसल्ली मिली है।