शामली। जिले के मेरठ-करनाल और पानीपत-नगीना, कोटद्वार फोरलेन का जेएमएस सर्वे शुरू हो गया है। वन विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम पेड़ों का संयुक्त सत्यापन करेगी। बाद में पानीपत-नगीना, कोटद्वार मार्ग पर जिले में 1899 पेड़ कटने की अनुमति मांगी जाएगी।
एडीएम वित्त अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई की टीम मेरठ-करनाल और पानीपत-नगीना कोटद्वार जेएमएस सर्वे कर रही है। सर्वे टीम मौके पर राजमार्ग की जद में आने वाली किसानों की भूमि का सत्यापन रिपोर्ट एक सप्ताह में प्राधिकरण के अफसरों को सौंप देंगी। दोनों राजमार्गों की सर्वे रिपोर्ट आने के बाद अवार्ड घोषित किया जाएगा, बाद में किसानों को मुआवजा वितरण किया जाएगा। वहीं, डीएफओ संजीव कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई की सर्वे रिपोर्ट में जिले में पानीपत-नगीना, कोटद्वार मार्ग पर 1899 पेड़ काटे जाने का जिक्र किया है। वन विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई की संयुक्त टीम पेड़ों का सत्यापन करके उत्तर प्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार के वन मंत्रालय को पेड़ काटने की अनुमति लेगी। अनुमति आने के बाद पेड़ काटने का काम किया जाएगा। वहीं, एडीएम अरविंद कुमार सिंह के मुताबिक राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण और क्षेत्रीय लेखपालों के साथ संयुक्त सर्वे होता है। सर्वे टीम के साथ मशीन भी होती है, जो इस मशीन से किसान की भूमि का सही आंकलन करती है।
मेरठ करनाल की जद में आने वाले शामली जिले के गांव
म्यान कस्बा, झिंझाना, बीबीपुर, जमालपुर, शामली बनत, टिटौली, मुंडेट, खेड़ी जुनार्दन, केेरटू, टपराना, गोहरनी, बधेव, पटनीपरतापुर।
- पानीपत- नगीना, कोटद्वार की जद में आने वाले शामली जिले के गांव
मवी मामौर, रामड़ा, पंजीठ, कैैैराना, मन्ना माजरा, जगनपुर, कंडेला, बनत, फतेहपुर, खेड़ी बैैरागी, करौदा हाथी, बंतीखेड़ा, बुटराड़ा, बाबरी।