शामली। सोमवार देर जिले में हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। गर्मी से सूख रही धान की नर्सरी का फायदा पहुंचा है। बारिश से पूर्वी यमुना नहर में 1200 क्यूसेक पानी पहुंच गया है।
10 जून के बाद भीषण गर्मी ने सभी को परेशान कर रखा था। लोग बारिश का इंतजार कर रहे थे। सोमवार को पूरे दिन उमस भरी गर्मी के बाद शाम को बादल छा गए। मध्य रात्रि साढ़े 12 बजे तेज हवाओं के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। पूरी रात की बारिश के बाद खेत जलमग्न हो गए। बारिश से शामली शहर के मोहल्ला पंसारियान- ब्लाक रोड, टंकी रोड, एसडीएम आवास, जीआरपी थाने में पानी भर गया। जीआरपी थाने की छत जर्जर हालत होने के कारण पूरी रात टपकती रही।
मंगलवार को सिंचाई विभाग ने पूर्वी यमुना नहर में 1200 क्यूसेक पानी छोड़ दिया। यमुना नहर में 24 घंटे पूर्व 500 क्यूसेक गंगा का पानी चल रहा था। बारिश के बाद गंगा का 500 क्यूसेक और यमुना का 700 क्यूसेक मिलाकर आ गया है।
पूर्वी यमुना नहर के रोस्टर के अनुसार 24 जून से शामली का रोस्टर चल रहा था। अधिक पानी आजाने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने शामली के साथ बागपत-गाजियाबाद जिलों को पानी छोड़ दिया है। पूर्वी यमुना नहर खंड शामली के जिलेदार अंबुज कुमार ने बताया कि मध्य रात्रि शुरू हुई 70एमएम रिकार्ड की गई है।
वैज्ञानिकों का दावा प्री मानसून बारिश
कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के निदेशक डॉ. पीके सिंह और सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मृदा विभाग के अध्यक्ष अशोक कुमार अहलुवालिया ने बताया कि यह बारिश प्री मानसून है। मानसूनी बारिश एक व दो जुलाई को होगी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन दिन बारिश हो सकती है।
फसलों के लिए बरसा अमृत
बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसान, कृषि वैज्ञानिक किसानों का कहना है कि बारिश फसलों के लिए अमृत वर्षा है। कृषि उपनिदेशक हरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि धान की नर्सरी, गन्ना और हरे चारे के लिए अमृत वर्षा है। जिन खेतों में पानी भरा है किसान धान की रोपाई शुरू कर सकते हैं।