शामली। अब कोई भी उर्वरक विक्रेता किसी भी किसान को उर्वरकों के साथ अन्य दवाई देता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कृषि अधिकारी ने उर्वरक विक्रेताओं को सख्त हिदायत देते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही।
जिला कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार यादव ने बताया जनपद का कोई भी उर्वरक विक्रेता किसी भी किसान को यूरिया व डीएपी उर्वरकों के साथ अन्य पेस्टीसाइड जबरदस्ती देने पर कठोर कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने बताया कि अगर किसी की भी शिकायत मिलती है तो उस विक्रेता का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनपद में किसी भी प्रकार के उर्वरकों की कोई कमी नहीं है।
जनपद को प्रशासन की मांग के क्रम में डीएपी की एक रैंक प्राप्त हो गई है, जो गुजरात के कांडला पोर्ट से चल चुकी है, जो 11 जून तक पहुंच जाएगी। उन्होंने बताया कि खरीफ की फसलों में किसान एसएसपी का प्रयोग अन्य उर्वरकों की तुलना में अधिक से अधिक करें, जिससे भूमि को अन्य तत्वों के साथ सल्फर भी मिल सके। खरीफ की फसलों की बुवाई में डीएपी की तुलना में एनपीके का प्रयोग अधिक करें, जिससे फसल को नाइट्रोजन, फाॅस्फोरस और पोटाश की उपलब्धता हो सके। जनपद के सभी उर्वरक विक्रेताओं को उर्वरक बिक्री पर अनिवार्य रूप से कैश मैमो देने व पीओएस मशीन से उर्वरक बिक्री के साथ-साथ स्टॉक रजिस्टर को अपडेट रखने के निर्देश दिए।