शामली। पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध ने जहां बाजार की व्यवस्था पर प्रभावित किया हुआ है, वहीं अब सिलिंडर की कमी से घरों में पत्नी-पत्नी के बीच विवाद के हालात बन रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि घर में गैस नहीं है और पति सिलिंडर का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं। चूल्हे पर रोटी बनाना उनसे नहीं आता है। मना करने पर पति उनके साथ मारपीट कर रहे हैं। यहां तक कि रिश्ता खत्म करने तक की चेतावनी दी जा रही है। इस प्रकार के विवाद घर की दहलीज लांघकर पुलिस के दरवाजे तक पहुंच रहे हैं। इस प्रकार के चार मामलों की शिकायतें सखी वन स्टाॅप सेंटर पर पहुंची हैं।
केस-1 : तलाक की धमकी
मिल रोड शामली की एक महिला ने 12 मार्च को शिकायत दर्ज कराई कि घर में सिलिंडर खत्म हो गया था। टीबी से पीड़ित होने के बावजूद जब उसने चूल्हे पर खाना बनाने से मना किया तो उसके पति ने उसके साथ मारपीट की और तलाक तक की धमकी दे दी। सखी वन स्टॉप सेंटर के अधिकारी इस मामले में दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने का प्रयास कर रहे हैं।
केस-2 : मारपीट का आरोप
कैराना की विवाहिता ने 11 मार्च को शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि सिलिंडर लाने के लिए कहने पर उसके पति और ससुराल वालों ने कह दिया कि चूल्हे पर रोटी बनाओ, जो वह नहीं बना सकती। इस पर उसके साथ न केवल मारपीट की, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। इस मामले में भी सुलह के प्रयास जारी हैं।
केस-3 : घर से निकालने की धमकी
शहर के काजीवाड़ा की महिला ने 10 मार्च को बताया कि कई दिनों से सिलिंडर न मिलने के कारण खाना बनाने में देरी हो रही थी, जिस वजह से ससुरालवालों ने उसके साथ मारपीट की और विरोध करने पर घर से निकालने तक की धमकी दी।
केस-4 : तलाक की दी धमकी
बिडौली की महिला ने बताया कि सिलिंडर नहीं होने के कारण खाना जैसे-तैसे कर चूल्हे पर बनाया जा रहा है। देर से बनाने पर उसके पति मारपीट कर रहे हैं और उसे तलाक तक देने की धमकी दे रहे हैं। अधिकारी सुलह की कोशिशें कर रहे हैं।
सिलिंडर के लिए रोजाना आ रही काॅल
वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी गजाला त्यागी ने बताया कि पिछले दो दिनों में लगभग 10 कॉल विशेष रूप से सिलिंडर की व्यवस्था कराने के लिए आईं। परेशान महिलाएं कह रही हैं कि सिलिंडर मिल नहीं रहा और उन्हें चूल्हे पर खाना बनाना नहीं आता। उनके घर पर सिलिंडर की व्यवस्था करा दे तो मेहरबानी होगी।
विवादों के पीछे के कारण
वन स्टॉप सेंटर प्रभारी के अनुसार घरों में अधिकांश विवाद उन दंपतियों के बीच हो रहे हैं, जहां महिलाओं को चूल्हे पर खाना बनाने में परेशानी हो रही है अथवा अब खाना बनाने में देरी हो रही है। उनका यह भी मानना है कि दंपतियों को परिवार के अन्य सदस्यों की सहायता लेकर और एक-दूसरे का सहयोग करते हुए इन समस्याओं का समाधान खोजना चाहिए। उन्होंने परिवारों को धैर्य रखने, समझदारी से काम लेने और महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करने की सलाह दी है।