शामली/झिंझाना। झिंझाना थानाक्षेत्र के गांव डेरा थानु में एसओजी टीम के साथ ग्रामीण व महिलाओं ने हाथापाई की और पकड़े गए हिस्ट्रीशीटर को छुड़ा लिया। ग्रामीणों ने पुलिस टीम से सरकारी हथियार भी छीनने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर किसी धोखाधड़ी के मामले में वांछित था, उसे पूछताछ के लिए पकड़ा था। पुलिस ने तीन लोगों को नामजद करते हुए महिलाओं समेत 12 से अधिक लोगाें के खिलाफ झिंझाना थाने पर रिपोर्ट दर्ज की है।
रविवार शाम को एसओजी टीम झिंझाना क्षेत्र के गांव डेरा थानु में हिस्ट्रीशीटर चतरसेन बावरिया को पकड़ने गई थी। आरोपी को पकड़ लिया गया, लेकिन उसी समय परिवार के युवकों, महिलाओं और ग्रामीणों ने लाठी-डंडों के साथ पुलिस टीम को घेर लिया और उनसे हाथापाई व धक्कामुक्की करते हुए आरोपी को छुड़ा लिया।
इस दौरान महिलाओं ने पुलिस से उनके हथियार भी छीनने की कोशिश की। महिलाओं ने एसओजी टीम को घेरकर कुछ समय तक बंधक बनाए रखा।
इस दौरान गांव में काफी देर तक हंगामा होता रहा। हंगामे व ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए एसओजी टीम वहां से जान बचाकर निकली। इस मामले में एसपी के आदेश पर एसओजी टीम की तरफ से झिंझाना थाने पर हिस्ट्रीशीटर चतरसैन, शिवम, कल्लू और 10-12 अज्ञात अज्ञात महिलाओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
दो घंटे तक दबाए रखी घटना, वीडियो वायरल होने पर पता चला : बताया गया है कि एसओजी टीम पर हमले की जानकारी स्थानीय पुलिस को नहीं दी गई थी। एसओजी टीम गांव से सीधे शामली आ गई थी। देर शाम घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अधिकारियों को घटना का पता चला।
अधिकारियों ने एसओजी टीम से घटना की बारे में जानकारी की। इसके बाद एसपी के आदेश पर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया।
डेरा थानू गांव में एसओजी के कब्जे से आरोपी को छुड़ाते ग्रामीण। वीडियोग्रेब।
डेरा थानू गांव में एसओजी के कब्जे से आरोपी को छुड़ाते ग्रामीण। वीडियोग्रेब।