शामली। जनपद के राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की कमी है। ज्यादातर स्कूलों में गणित, अंग्रेजी, विज्ञान और हिंदी के शिक्षकों की कमी हैं। चार राजकीय कॉलेज भी शिक्षकों की कमी के कारण इसी वर्ष खानापूर्ति कर शुरू किए गए हैं।
जनपद में पहले 20 राजकीय स्कूल काॅलेज संचालित थे, लेकिन नए सत्र में चार राजकीय इंटर कॉलेज शुरू होने के बाद इनकी संख्या अब 24 हो गई है। इसमें आठ हाईस्कूल और 16 इंटर कॉलेज संचालित है। कांधला राजकीय इंटर कॉलेज में 1800 से ऊपर छात्र-छात्राओं की संख्या है। इसमें कम से कम 30 शिक्षक होने चाहिए, लेकिन वहां पर केवल पांच ही शिक्षक मौजूद है। स्कूल में हिंदी, अंग्रेजी के शिक्षक नहीं है।
राजकीय इंटर काॅलेज कमालपुर में लगभग 370 छात्र-छात्रा है। यहां केवल एक पीटीआई और एक सामाजिक विषय का शिक्षक तैनात हैं, उनपर प्रधानाचार्य का भी चार्ज है, जबकि कॉलेज में 17 शिक्षक होने चाहिए। ऐसे में राजकीय स्कूलों में पढ़ाई का अंदाजा लगा सकते है। राजकीय इंटर कॉलेज उमरपुर में भी लगभग 300 छात्र-छात्राओं पर केवल दो ही शिक्षक है। अन्य स्कूल, कॉलेजों में भी यही स्थिति है।
शिक्षकों की कमी के चलते इस वर्ष गांव हसनपुर, भूरा, पलठेडी और मासावी में भी इंटर काॅलेजों का संचालन शुरू हो गया है। इन स्कूलों में अन्य स्कूलों से स्टाफ तैनात किया गया है। जनपद के सभी काॅलेजों में लगभग पांच हजार छात्र-छात्रा पंजीकृत है, जबकि सभी स्कूलों में लगभग 60 शिक्षक-शिक्षिका तैनात है। कॉलेजों में मुख्य विषयों के ही शिक्षक नहीं है तो बोर्ड परीक्षा में अच्छा रिजल्ट कैसे आएगा।