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ट्रीन ट्रीन... हैलो... भाई कैराना में सब ठीक है ना

Wed, 22 Jun 2016 12:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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फाइल फोटो - फोटो : demo pic
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कैराना। पलायन प्रकरण का दर्द सात समंदर पार तक महसूस किया जा रहा है। अमेरिका और दूसरे देशों में रहने वाले कैराना के लोग इसको लेकर चिंतित हैं कि उनके कैराना में आखिर हो क्या रहा है। इस कारण रोजाना ही वह अपने परिजनों को कॉल करके कुशलक्षेम लेते हैं। 
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भाजपा सांसद हुकुम सिंह द्वारा कैराना से 346 हिंदू परिवारों के पलायन की सूची जारी करने से जहां राजनीतिक गलियारे में बहस छिड़ गई, तो कैराना के बाशिंदे भी चिंतित हो गए। लगातार सुर्खियां बनने के कारण कैराना के लोगों के रिश्तेदार भी इस दर्द से अछूते नहीं है। जोडिया कुआं पर इलेक्ट्रानिक्स की दुकान करने वाले आदेश मित्तल का छोटा भाई नीरज 15 साल पहले अपनी  पत्नी के साथ अमेरिका के बोस्टन शहर में रहता है। नीरज अमेरिका में कंप्यूटर नेटवर्किंग का कार्य करते हैं।

उसके दो बच्चे हैं। आदेश ने बताया कि जब से कैराना पलायन का मामला शुरू हुआ, उसका भाई रोजाना इंटरनेट के माध्यम से यहां के हालात के बारे में पूछता रहता है। नीरज यही पूछता है, भाई कैराना में क्या हो रहा है, सब ठीक है ना।
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सर्राफा बाजार निवासी कपड़ा व्यापारी मुकेश कुमार का पुत्र डॉ. उमंग सिंघल एक साल से अमेरिका के शिकागो में रहकर डाक्टरी की पढ़ाई कर रहा है। मुकेश
ने बताया कि उनका बेटा अमेरिका में काफी व्यस्त रहता है। कैराना के बारे में जब से जानकारी मिली, तब से वह भी चिंतित रहने लगा है। अपनी मम्मी से बात करता है तो यहां के हालात के बारे में जरूर जानकारी लेता है।

मोहल्ला सरावज्ञान निवासी प्रद्युमन जैन की पुत्री प्रीति जैन अपने पति शशांक और दो बच्चो के साथ अमेरिका के हयूस्टन शहर में रहते हैं। उनका अमेरिका में पैट्रोल पंप है। प्रद्युमन ने बताया कि उनकी बेटी प्रीति ने अपने डिस टीवी पर इंडिया के सभी न्यूज चैनल ले रखे हैं। न्यूज पर कैराना का मामला सुर्खियों में होने पर उनकी बेटी के रोजाना कॉल करती है। हमने बेटी को समझाया कि यहां ऐसी कोई बात नहीं है। फिर भी उनकी बेटी और दामाद कुशलक्षेम जानते रहते हैं। 

जोडिया कुआं निवासी खादी के कपड़ों की दुकान करने वाले कृष्ण कुमार का बेटा अमेरिका के मेरीलेंड स्टेट में इंजीनियर है। वह सात साल से अपनी पत्नी तथा दो बच्चों के साथ अमेरिका में रह रहा है। कृष्ण कुमार ने बताया कि जब से कैराना पलायन प्रकरण उठा, तभी से उनका बेटा और पुत्रवधू को हमारी चिंता रहने लगी है। रोजाना उनके बेटा कॉल करता है। वह अपने बेटे को बताते है कि राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है, मगर कैराना में अमन चैन पहले की तरह कायम है।
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