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Shamli News: चेहरा निखारने और वजन घटाने के चक्कर में बिगड़ रही सेहत

Sun, 14 Jun 2026 12:37 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर आकर्षक विज्ञापनों के जरिए बेचे जा रहे ब्यूटी प्रोडक्ट, फूड सप्लीमेंट और वजन घटाने वाली दवाएं अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी हैं।
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चेहरे को गोरा और आकर्षक बनाने या फिर तेजी से वजन कम करने के दावों में फंसकर लोग बिना चिकित्सकीय सलाह के उत्पाद खरीद रहे हैं। इसके बाद एलर्जी, त्वचा रोग, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे मामलों की शिकायतें अब जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग तक पहुंच रही हैं।
चेहरे पर निखार नहीं, पड़ गए चकते
शहर के काजीवाड़ा क्षेत्र की महिला निशा ने ऑनलाइन ब्यूटी प्रोडक्ट मंगाकर उसका उपयोग शुरू किया। कुछ ही दिनों बाद चेहरे पर सूजन, लाल चकते और खुजली की समस्या शुरू हो गई। हालत बिगड़ने पर उसे चिकित्सकीय उपचार लेना पड़ा। महिला ने 12 मई को मामले की शिकायत जिला उपभोक्ता आयोग में दर्ज कराई है।
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वजन तो घटा, लेकिन बढ़ गई परेशानी
कैराना निवासी युवक सुधीर ने 1 जनवरी को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से वजन कम करने वाली दवा खरीदी। दवा के सेवन से उसका वजन करीब 10 किलो कम हो गया, लेकिन लगातार कमजोरी, थकान और स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएं सामने आने लगीं। बाद में उसे चिकित्सकों की निगरानी में उपचार कराना पड़ा। युवक ने भी आयोग में वाद दर्ज कराया है।
मेकअप के बाद खराब हुआ चेहरा, आयोग ने लगाया जुर्माना
बनत निवासी अंशिका चौधरी ने एक ब्यूटीशियन के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया था। आरोप था कि मेकअप के दौरान निम्न गुणवत्ता और एक्सपायर्ड उत्पादों का इस्तेमाल किया गया, जिससे चेहरे पर एलर्जी और दाने हो गए। मामले की सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने ब्यूटीशियन को 13 हजार रुपये ब्याज सहित लौटाने, मानसिक और शारीरिक क्षति के लिए 50 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने तथा 50 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने का आदेश दिया।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
जिला अस्पताल की चिकित्सक डॉ. सानिया मिर्जा का कहना है कि त्वचा और शरीर की प्रकृति हर व्यक्ति में अलग होती है। सोशल मीडिया पर दिखाए जाने वाले उत्पाद सभी लोगों के लिए सुरक्षित नहीं होते। बिना जांच और चिकित्सकीय सलाह के ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
ऑनलाइन प्रोडक्ट खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान
डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही दवा या ब्यूटी प्रोडक्ट खरीदें।
उत्पाद की निर्माता कंपनी और प्रमाणिकता की जांच करें।
एक्सपायरी डेट अवश्य देखें।
केवल भरोसेमंद वेबसाइट या विक्रेता से ही खरीदारी करें।
किसी भी दुष्प्रभाव की स्थिति में तुरंत उपयोग बंद कर चिकित्सक से संपर्क करें।
बिल, रसीद और ऑनलाइन ऑर्डर की जानकारी सुरक्षित रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर शिकायत की जा सके।
ऑनलाइन खरीदे गए ब्यूटी और स्वास्थ्य संबंधी उत्पादों को लेकर शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। हर माह चार से पांच मामले आयोग में पहुंच रहे हैं। लोगों को किसी भी उत्पाद का उपयोग करने से पहले चिकित्सक या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। यदि किसी उत्पाद या सेवा से नुकसान होता है तो उपभोक्ता आयोग में शिकायत कर न्याय प्राप्त किया जा सकता है।
हेमंत कुमार गुप्ता, अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, शामली
जानिए... कौन लोग कर सकते हैं परिवाद दायर
एक ऐसा लेनदेन या सेवा जिसमें धन का आदान और प्रदान हुआ है उससे संबंधित किसी भी शिकायत की सुनवाई उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में हो सकती है। इसके दायरे में सरकारी प्रतिष्ठानों जैसे टेलीफोन, विद्युत, डाक, इंश्योरेंस, मेडिकल, सभी मार्केट आदि की सेवाएं भी आती है।
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सुनवाई का अधिकार
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में एक रुपये से लेकर 50 लाख रुपये या उससे अधिक के परिवादों की सुनवाई की जाती है।


आयोग के दंडाधिकार
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग दोषी पाए जाने पर आरोपी को अधिकतम आजीवन कारावास की सजा, अर्थदंड और जरूरत पड़ने पर वारंट जारी कर सकता है।
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