शामली। कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग का फोकस कोरोनारोधी टीकाकरण पर बना रहा। इस वजह से विभागीय कार्यक्रम और अभियान पीछे रह गए थे। अब कोरोना कम हुआ तो स्वास्थ्य विभाग के नियमित चलने वाले कार्यक्रम पटरी पर लौटने लगे हैं। कोरोना काल में कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रम बंद हो गए थे। इस महीने मार्च में तीन स्वास्थ्य कार्यक्रमों की फिर से शुरूआत हो रही है। सोमवार से मिशन इंद्रधनुष के तहत छूटे हुए दो साल तक के बच्चों व गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण शुरू किया जाएगा।
कोरोना की तीसरी लहर में संक्रमण तेजी से फैला था, हालांकि इस बार कोरोना वायरस घातक रूप में नहीं था। जनवरी माह में यह पीक पर रहा, जिस कारण सरकार की गाइड लाइन के अनुसार स्वास्थ्य विभाग का पूरा फोकस कोरोनारोधी टीकाकरण पर बना रहा। इसके चलते विभाग अपने नियमित चलने वाले स्वास्थ्य कार्यक्रमों में पिछड़ गया था। अब कोरोना संक्रमण कम हुआ तो स्वास्थ्य विभाग के जनहित के कार्यक्रम और अभियान शुरू करने की तैयारी की गई है। शासन ने भी स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि जो भी अभियान या कार्यक्रम बंद हो गए थे, उन्हें शुरू करते हुए लोगों को उनका शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाया जाए। शासन के निर्देश पर इस महीने से तीन महत्वपूर्ण विभागीय कार्यक्रम शुरू होंगे।
सोमवार से सघन मिशन इंद्रधनुष-4.0 शुरू हो रहा है। यह अभियान सात दिन चलेगा। इस अभियान के तहत छूटे हुए दो साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को होने वाला नियमित टीकाकरण किया जाएगा। दूसरा कार्यक्रम नौ मार्च से सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान 22 मार्च तक चलेगा। इस दौरान जो भी टीबी के मरीज मिलेंगे, उनका उपचार शुरू किया जाएगा। इसके अलावा इसी महीने 20 मार्च से पोलियो उन्मूलन अभियान शुरू होगा। इस तरह से देखा जाए तो कोरोना कम होते ही स्वास्थ्य विभाग अपने नियमित कार्यक्रमों को लेकर पटरी पर लौट रहा है। सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल का कहना है कि अब कोरोना कम हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के जो नियमित कार्यक्रम चलते हैं, उनकी तैयारी की जा रही है। सोमवार से मिशन इंद्रधनुष के तहत छूटे हुए दो साल तक के बच्चे और गर्भवती महिलाओं को टीके लगाए जाएंगे। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है।