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हजरत साहब के पैगाम को आगे बढ़ाएगा परिवार

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file - फोटो : amarujala
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मौलाना हजरत साहब के इंतकाल के बाद अब उनका परिवार उनके पैगाम को आगे बढ़ाएगा। मौलाना के परिवार में तीन लड़के औरचार बेटी  हैं। बड़े लड़के का नाम मौलाना नसरूल राशिद  हसन हैं । बाकी दो भाई जियाउल हसन और मौलना बदररूल हसन  हैं, जो मौलाना की तरह दीनी कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। हजरत के द्वारा बनाई गई लाइब्रेरी जो मुफ्ती इलाही बख्श के नाम से है, अब इसको उनके  बड़े लड़के मौलाना राशिद  देख रहे हैं । मौलाना ने चालीस से ज्यादा किताबें लिखीं। उनके तरह से ही इनके बड़े लड़के  राशिद ने इनके कार्यों को आगे बढ़ाते हुए कई दीनी किताबें लिखी। दंगे के समय सबसे पहले  बुढ़ाना में कौमी एकता के नाम से एक विशाल जलसा किया था, जो कि दोनों समुदाय के बीच बनी खाई को काफी हद तक कम करने में कामयाब हुआ था।  मौलाना के पांच हजार से अधिक हदीसें याद थी। काधला की जामा मस्जिद में इन्होंने कुरान की तरजूमा शुरू की थी, जो कि चालीस साल में पूरा हुआ था। इसके बाद कांधला के इतिहास में एक सबसे बड़ा जलसा कराया  गया था। इनके साथ ही इनके दीनी कार्य के उत्तराधिकारी मौलाना राशिद  अब इनके सभी दीनी कार्य देख रहे हैं। इसी तरह से इनकी बेटियों ने भी दीनी तालीम को आगे बढ़ाने का काम किया है।
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हरेंद्र मलिक ने भी दी परिजनों को दी सांत्वना
कांधला।  कांग्रेस नेता हरेंद्र मलिक, चौ.सुल्तान सिंह, ओमप्रकाश शर्मा, पवन कंछल, चौ.धर्मपाल सिंह, कुसरान काजमी, ओमबीर मलिक, सलीम मलिक, रामकुमार शर्मा बार संघ आदि ने हजरत साहब के यहां पहुंचकर उनके बेटों को सांत्वना दी। कभी अपने लिए कोई लाभ नहीं कमाया ये इंसानियत के लिए जिए। हमेशा दीन के लिए काम किया। ऐसे नेक इंसान कम ही होते हैं।

मस्जिद और मदरसों में दुआ की  
 हजरत मौलाना इफ्तेखार उल हसन के इंतकाल पर क्षेत्र में मस्जिद और मदरसों में मरहूम की मगफिरत के लिए दुआ की गई। मदरसा जामिअतुस्सादह, मदरसा नासिरूल उलूम अशरफिया, मदरसा दारूल उलूम महमूदिया, मदरसा इशातुल इस्लाम, मदरसा फतहुल उलूम आदि में कुरान ख्वानी कराकर मगफिरत की दुआ की गई। इनके अलावा मस्जिदों में भी नमाज के बाद दुआएं मांगी गई। उधर, बार एसोसिएशन कैराना की एक शोकसभा बार भवन में बार अध्यक्ष रामकुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता और महासचिव नसीम अहमद के संचालन में आयोजित की गई, जिसमें हजरत को जन्नत अता फरमाने की दुआ की गई।
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