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गुलजार और शहजाद का आठ दिन का रिमांड मंजूर

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file - फोटो : amarujala
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रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की पुलिस को ईमेल भेजने के आरोपी मेरठ के नंगलाताशी गांव के गुलजार और शहजाद का आठ दिन का पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर हो गया है। पुलिस दोनों आरोपी भाइयों को मंगलवार को सुबह पूछताछ के लिए लाएगी। एटीएस और आईबी की टीमें भी उससे पूछताछ करेंगी। उनके गुरुओं से भी आमना -सामना कराया जा सकता है।
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पुलिस ने कोर्ट में 10 दिन के रिमांड की अर्जी लगाई थी। सोमवार को इस पर सुनवाई हुई। एसपी अजय कुमार के अनुसार दोनों भाईयों का आठ दिन का पुलिस कस्टडी रिमांड कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। मंगलवार सुबह 10 बजे से  28 मई की शाम चार बजे तक रिमांड रहेगा। पुलिस जेल से उन्हें पूछताछ को लाएगी। शामली पुलिस ने एटीएस और आईबी को भी इसकी सूचना दे दी है। एसपी के अनुसार शामली पुलिस के अलावा  एटीएस ,आईबी एलआईयू और अन्य सरकारी सुरक्षा एजेंसियां इनसे पूछताछ करेंगी। कोतवाली प्रभारी के अनुसार सोमवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश करने से पहले और बाद में पुलिस ने उनका मेडिकल भी कराया।

मजबूत केस बनाने से मिला लंबा रिमांड
शामली। पुलिस को पता था कि 10 दिन का लंबा पुलिस रिमांड लेना आसान नहीं होगा। लिहाजा पुलिस ने केस मजबूत करने को कई काबिल अधिकारियों को लगाया। साइबर टीम से आरोपियों से बरामद मोबाइल में दर्ज उनकी कॉल रिकॉडिंग में सुनाई दे रही बातचीत का शब्द कागजों में लिखवाया। कई गंभीर तथ्य दिए थे। पुलिस ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला मानकर मजबूत लिखापढ़ी की। इसी की वजह से आठ दिन का रिमांड कोर्ट से मंजूर हुआ।
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सवालों की लिस्ट तैयार
दोनों भाइयों को लंबे पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के बाद पूछताछ के दौरान उनसे पूछने वाले सवालों की लिस्ट तैयार की गई है। मोबाइल रिकार्डिंग की बातचीत सुनने के बाद ये लिस्ट अधिकारियों ने बनाई है। इनमें कई ऐसे सवाल हैं जिनके माध्यम से ये पता करने का प्रयास किया जाएगा कि आखिर दोनों भाईयों द्वारा की जा रही बातचीत का असल मकसद क्या है। ये बात किसके लिए की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद इनके द्वारा पूछताछ में कुछ बातें बताई गई, लेकिन ये बातें उनके मोबाइल में नहीं मिली हैं इसलिए पुलिस उक्त बातों का मकसद भी पता करने का प्रयास करेगी।

गुरुओं से भी हो सकता है आमना-सामना
शामली। दोनों भाइयों से पूछताछ के लिए पुलिस उन्हें मेरठ और गाजियाबाद भी ले जा सकती है। उनके गुरु इन्हीं जिलों में बताए जा रहे हैं। इनके मोबाइल में दर्ज लोगों के मोबाइल नंबर भी इन्हीं जनपदों के लोगों के हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस पूछताछ में सबसे पहले ये पता करने का प्रयास करेगी कि उनके द्वारा मोबाइल में की जा रही बातों का मकसद क्या है। वे किसके लिए ये बातें कर रहे थे। इसके बाद पुलिस उन लोगों से भी उनका आमना सामना करा सकती है। उनके गुरुओं से भी आमना सामना हो सकता है।

गैर जनपदों की पुलिस भी कर सकती है पूछताछ
आरोपियों ने शामली के अलावा मेरठ, गाजियाबाद और लखनऊ के पुलिस कार्यालयों की मेल आईडी पर धमकी भरे ईमेल किए थे। ऐसे में उक्त जनपदों की पुलिस भी रिमांड के दौरान उनसे यहां आकर पूछताछ कर सकती है।

ये थी घटना
14 मई को शामली पुलिस की ऑफिशियल मेल आईडी पर शामली, मेरठ और दिल्ली के हजरतगंज निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इस तरह की धमकी भरी मेल मेरठ और गाजियाबाद पुलिस की मेल आईडी पर भी भेजी गई थी। 16 मई को पुलिस ने मेल भेजकर धमकी देने वाले मेरठ के नंगलाताशी मेरठ निवासी दो भाईयों गुलजार राजा और शहजाद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस का दावा है कि आरोपी भाइयों से बरामद मोबाइल के कॉल रिकार्डस में आपत्तिजनक और सनसनीखेज बातों का जिक्र किया गया है। उनकी बातें आतंक फैलाने जैसी प्रतीत हो रही है।

कोट अजय कुमार एसपी शामली
आरोपियों के मोबाइल में जो बातें उजागर हुई हैं, इस पर ये मामला राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। इसलिए पुलिस ने मजबूत केस बनाकर कोर्ट में कागजात दाखिल किए थे। आठ दिन का रिमांड मिला है । पुलिस ,एसटीएस समेत कई सुरक्षा एजेंसियां अपने स्तर से पूछताछ करेंगी। उम्मीद है कि पूछताछ में कई बातें स्पष्ट होंगी और इनके नेटवर्क का पता चलेगा।
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