शामली। आर्य उपदेशक वेद प्रकाश क्षेत्रिय ने कहा कि जीवात्मा चेतन और चेतन ही जीवात्मा है। परमात्मा ने शरीर को कर्म के अनुसार बनाया है।
शुक्रवार को आर्य समाज मंदिर में चल रहे वेद प्रचार सप्ताह के पांचवें दिन वैदिक यज्ञ से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मुख्य यज्ञमान संतोष कुमार, संगीता, नरेश कौशिक व कुसुमलता कौशिक, अनुराग शर्मा व पूजा शर्मा, प्रवीण वशिष्ठ और पूजा शर्मा रहे। यज्ञ के ब्रह्मा डॉ. रविदत्त शास्त्री रहे। भजनोपदेशक प्रदीप शास्त्री ने कहा जो व्यक्ति परमात्मा की उपासना करते है, परमात्मा उस पर सदैव कृपा करते हैं। दिल्ली से आए आर्य उपदेशक वेदप्रकाश श्रोत्रिय ने कहा जिस शरीर में 24 प्रकार की शक्तियां विद्यमान हो, वह चेतन जीवात्मा है। दर्शन, स्मरण, श्रवण, स्पर्श कोई भी शक्ति स्वयं नहीं बोलती। परमात्मा ने हमारा शरीर कर्मानुसार बनाया है, जो भिन्न-भिन्न अव्यवों से मिलकर बना है। प्रत्येक अव्यव के साथ शरीर प्राकृतिक रूप से इस प्रकार से जुड़ा है जिस प्रकार सुई धागे से सिलाई कर दी हो।
उन्होंने कहा जिस प्रकार प्राण दिखाई नहीं देता, उसी प्रकार हमारे शरीर के अव्यव एक दूसरे से जुड़े हैं, जो दिखाई नहीं देता। जीवात्मा को शरीर से निकालने और शरीर में प्रवेश करने वाला कराने वाला परमात्मा ही है। संचालन मंत्री सुभाष धीमान ने किया। मौके पर आर्य समाज के संरक्षक रघुवीर सिंह, प्रधान सुभाष गोयल आर्य, कोषाध्यक्ष रविकांत आर्य, आर्य विद्या सभा के प्रधान राजपाल आर्य व मंत्री दिनेश आर्य, ईलम चंद आर्य, सुरेंद्र आर्य, मांगेराम, वेदप्रकाश आर्य, अमरीश आर्य, जगन्नाथ मिश्रा, बीरबल आर्य, सुरेंद्र सिंह, प्रभाकर मालिक, सुरेशपाल आर्य, अशोक बहादुर आर्य, वीरेंद्र सिंह, स्त्री आर्य समाज की संरक्षिका कमला आर्य मौजूद रहे।