विद्यालयों में लगाए पौधों की हुई जियो टैगिंग
शामली। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगाए गए पौधों की जियो टैगिंग की गई। शिक्षकों ने पौधारोपण स्थल का फोटो क्विक कैप्चर एप पर अपलोड कर भेजे।
जिले में एक जुलाई से सात जुलाई तक चले वन उत्सव कार्यक्रम के तहत बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 11628 पौधे लगाए जाने का दावा किया गया। शासन के निर्देश पर लगाए गए पौधों की जियो टैगिंग कराई गई। इसका उद्देश्य यह बताया गया कि एक तो लगाए गए पौधों का सत्यापन होगा और दूसरा जहां पौधे लगाए गए, उसकी लोकेशन की जानकारी मिल सकेगी। बेसिक शिक्षा विभाग सोमवार को पौधों की जियो टैगिंग कराने की तिथि निर्धारित की गई। इसके लिए विभाग की तरफ से विद्यालय के किसी एक शिक्षक व शिक्षिकाओं को मोबाइल में क्विक कैप्चर एप डाउनलोड किया गया। इसके बाद शिक्षकों ने रोपित किए गए पौधों का एक फोटो इस तरह से लिया, जिसमें लगाए गए पौधे ज्यादा से ज्यादा आ सके। इसके बाद फोटो एप पर अपलोड किए गए। उच्च प्राथमिक विद्यालय लिलौन की प्रधानाध्यापिका उपमा शर्मा ने बताया कि उनके विद्यालय में 40 पौधे लगाए गए थे। पौधों की जियो टैगिंग के तहत एप पर फोटो अपलोड कर भेज दी गई है।
जियो टैगिंग से हो रहा भौतिक सत्यापन
शामली। ज्यादातर विभागों में होने वाले निर्माण कार्यों में जियो टैगिंग को अनिवार्य कर दिया गया है। पंचायत राज विभाग में शौचालय, सड़कों, हैंडपंपों के अलावा ग्राम पंचायतों एवं शहरी क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवासों की भी जियो टैगिंग की जा रही है। इससे जीपीएस ऑन करके मौके पर फोटो लिया जाता है तथा पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। फोटो के साथ लोकेशन आ जाती है। सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने बताया कि यह एक तरह का भौतिक सत्यापन है। इससे पता लगता है कि मौके पर पौधे लगे हैं या नहीं। इसी तरह प्रधानमंत्री आवास की तीन चरण में जियो टैगिंग होती है।