शामली। जनपद की सीमा से होकर गुजरने वाले चौथे हाईवे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। छह लेन के इस कॉरिडोर में करीब 20 गांवों के किसानों की 215.74 हेक्टेयर भूमि आएगी।
22 जनवरी को भारतीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से भारत माला परियोजना के तहत दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर निर्माण की मंजूरी दी गई थी। छह लेन के कॉरिडोर की डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी एमएसवी इंटरनेशनल कंपनी प्राईवेट लिमिटेड को दी गई है। 13 अक्तूबर को जिले की सीमा से होकर गुजरने वाले दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि का गजट जारी कर दिया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय नई दिल्ली ने जिले का सक्षम अधिकारी एसडीएम सदर शामली को बनाया। कहा कि कॉरिडोर की जद में आने वाले बीस गांवों के किसानों से 21574.28 हेक्टेयर भूमि की खरीद जाएगी। हाईवे की जद में आने वाले किसानों से आपत्तियां मांगी हैं।
छह लेन के हाईवे पर किसानों से भूमि खरीदने और चौड़ीकरण पर 8000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसी साल दिसंबर तक डीपीआर तैयार हो जाएगी। इकोनॉमिक कॉरिडोर की डीपीआर तैयार कर रहे एमएसवी इंटरनेशनल कंपनी प्राईवेट लिमिटेड के एनसी मिश्रा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर दिसंबर में टेंडर छोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस साल आठ हजार करोड़ रुपये की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होगी। आठ हजार करोड़ रुपये में किसानों का मुआवजा, मार्ग चौड़ीकरण की लागत शामिल होगी। 31 मार्च तक तीन-डी की प्रक्रिया पूरी करके मुआवजा वितरण का कार्य शुरू हो जाएगा। 31 मार्च 2023 तक इकोनॉमिक कॉरिडोर बनकर तैयार हो जाएगा।
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खेकड़ा में ईस्टर्न एक्सप्रेस-वे से शुुरू होगा छह लेन का कॉरिडोर
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर बागपत के खेकड़ा में ईस्टर्न एक्सप्रेस-वे सेे शुरू होगा। यहां से अग्रवाल मंडी टटीरी, सूजरा, खेड़ा मस्तान, हिरनवाड़ा, बड़गांव, अंबेहटा चांद, फिरोजपुर से गणेश चौक बाईपास पर देहरादून हाईवे पर मिलेगा।
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कॉरिडोर की जद में आने वाले जिले के गांव
- मोरमाजरा, बाबरी, बंतीखेड़ा, इस्लामपुर भैसानी, भाजू, भिक्का माजरा, बुटराड़ा, चूनसा, गोगवान जलालपुर, हसनपुर लुहारी, कैड़ी, कांजरहेडी, कासमपुर, खानपुर, खेड़ी पट्टी, ख्यावड़ी, लांक, नागल, नसीरपुर, रायपुर।