शामली। जिले में फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने वाले गिरोह के संबंध में साइबर थाना पुलिस के हाथ अहम जानकारी लगी है। गिरोह के मुजफ्फरनगर, बिजनौर के दो और आरोपी ट्रेस किए गए हैं, जो ऋषिकेश में एम्स अस्पताल के पास ही एक क्लीनिक में मरीजों को ठहराते थे, यहीं पर फर्जी कार्ड बनाने का कार्य किया जाता था।
जिले में फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने के खेल का अमर उजाला ने खुलासा किया था। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया था। पुलिस लाइन सभागार में बुधवार को एसपी रामसेवक गौतम ने प्रेसवार्ता में बताया कि एसीएमओ डॉ. अतहर जमील की तरफ से साइबर क्राइम थाने पर आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के संबंध में दो लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस के साथ एसओजी, सर्विलांस और साइबर सेल की टीमें गठित की गईं थीं। आयुष्मान कार्ड बनाने के तीन आरोपी मुबीन निवासी गांव ओदरी, अतुल चौहान निवासी आवास काॅलोनी ऋषिकेश जिला देहरादून मूल निवासी गांव नूरपुर हट्टी थाना नगीना जिला बिजनौर और राकेश पांडे निवासी कैनाल रोड ऋषिकेश हैं। पुलिस इस मामले मं पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
एसपी रामसेवक गौतम और साइबर थाना प्रभारी संजीव भटनागर ने बताया कि पिछले काफी समय से दोनों गिरोह के सदस्य क्लीनिक में बनाए गए हॉल में मरीजों को झांसे में लेने के बाद ठहराते थे। इसके बाद उनके कार्ड बनाए जाते थे। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
- पुलिस की लोगों से अपील
एसपी का कहना है कि लोगों से अपील है कि वह फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनवाने वाले गिरोह के बहकावे में नहीं आएं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क करें, पुलिस से ऐसे लोगों की शिकायत करें, ताकि ऐसे लोगों पर शिकंजा कसा जा सके।