फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: ग्राम प्रधानों के मानदेय भुगतान में कर दिया खेल

विज्ञापन
शामली का डीपीआरओ कार्यालय।संवाद
विज्ञापन
शामली। गांवों में विकास कार्यों के नाम पर घपलेबाजी के बाद अब ग्राम प्रधानों के मानदेय में भी गोलमाल का पता चला है। सहपत, खेड़ाभाऊ और खेड़ा कुर्तान गांव में प्रधानों को मानदेय से अधिक का भुगतान कर दिया गया। कुछ ग्राम पंचायतों में आय से अधिक फर्जी व्यय दिखाकर वित्तीय अनियमितता मिली है।
विज्ञापन

लेखा परीक्षक कार्यालय में ऑडिट में यह मामले पकड़े हैं। अब ग्राम सचिवों पर कार्रवाई की तैयारी विभागीय अधिकारियों ने कर ली है। जिले के विभिन्न गांवों क ग्राम प्रधानों के मानदेय के भुगतान और अन्य मामलों का लेखा परीक्षक कार्यालय ने ऑडिट कराया। ऑडिट में सामने आया कि खेड़ीभाऊ में 3500 रुपये मानदेय का अधिक भुगतान किया गया। सहपत गांव के प्रधान का 35 हजार रुपये मानदेय का भुगतान किया गया, जिसमें अनियमितता की गई। खेड़ा कुर्तान में ग्राम प्रधान को 10 हजार 500 रुपये मानदेय का अधिक भुगतान किया गया।
कन्नूखेड़ा गांव में जून माह में 26 हजार, अलीपुर गांव में 20 हजार, दुल्लाखेड़ी गांव में छह हजार का गोलमाल रहा। ताजपुर सिंभालका में 7560 रुपये ग्राम निधि से निकाल लिए गए लेकिन रुपये कैश आय पत्र में अंकित नहीं किए गए। बीना माजरा गांव में 10 हजार रुपये निकाले गए लेकिन कैश बुक में अंकित नहीं मिले। गंगारामपुर खेड़की के बैंक खाते से निकाली गई राशि 14 हजार 965 रुपये कोष बही में दर्ज नहीं थे। काबड़ौत में 21 हजार रुपये की धनराशि निकालने के बाद कोषबही में अंकित नहीं किया गया।
विज्ञापन

चूनसा गांव में 28 हजार, नागल गांव के खाते में 20 हजार हजार रुपये निकाले गए। बिड़ौली ग्राम पंचायत में 1.38 लाख आय से अधिक फर्जी व्यय दिखाकर वित्तीय अनियमितता की गई। जिला पंचायत राज अधिकारी ने अन्य गांवों में भी मानदेय भुगतान और अन्य मदों में किए गए भुगतान की जांच शुरू करा दी है।
आए दिन पकड़ में आ रहे मामले
हाल ही में दाढ़ीनगर के किसानों को प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के नाम पर धोखाधड़ी का मामला आया था। किसानों को ओबीसी के बजाए अनुसूचित जाति के दर्शा दिया गया था। इसी तरह कुछ किसानों के खातों में आए रुपयों को धोखाधड़ी से निकाल लिया गया था। किसान सोहन के बजाए किसी अन्य के खाते में रुपये भेज दिए गए थे। मामले की जांच अब सहारनपुर के अधिकारी कर रहे हैं।31 दिसंबर को जिलाधिकारी अरविंद चौहान के निर्देश पर जिले की 16 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर घोटाला करने के मामले में जसाला, लिसाढ़, नाला और अन्य गांवों में करीब 41 लाख के घोटाला सामने आया था। जिस पर ग्राम सचिव मनोज कुमार और निशांत वत्स और सुशील कुमार को निलंबित किया गया था। अन्य 16 ग्राम सचिवों की जांच अभी चल रही है।

इतना मिलता है मानदेय
ग्राम प्रधानों को पहले 3500 रुपये मानदेय दिया जा रहा था, जिसे बढ़ाकर 5 हजार रुपये कर दिया गया था। ब्लॉक प्रमुख को 11300 और जिला पंचायत अध्यक्ष को 15500 रुपये मानदेय के रुप में मिलते हैं।
वर्जन



ऑडिट में कुछ ग्राम प्रधानों को अधिक मानदेय देने की बात सामने आई है। कुछ गांवों में वित्तीय अनियमित्ताएं भी मिली है। ग्राम सचिवों और अन्य को फिर से नोटिस दिए गए हैं। जांच के बाद कार्रवाई होगी।
विज्ञापन




संदीप अग्रवाल, डीपीआरओ शामली
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें