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टिटौली में पैदल आ रहे श्रमिकों को कराया भोजन

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शामली। गांव टिटौली में गन्ना मंत्री सुरेश राणा के निर्देश पर गांव टिटौली के प्रधान के पति राजीव शास्त्री ने ग्रामीणों के सहयोग से गांव के विद्यालय में हरियाणा और पंजाब से पैदल चलकर आने वाले श्रमिकों को भोजन कराया गया। इस अवसर पर रामपाल सिंह, जाहिद, विरेंद्र, राजेंद्र, रोजू और पवन मास्टर आदि का सहयोग रहा।
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मेडिकल स्क्रीनिंग के बिना ही पहुंचे श्रमिक
कैराना। दूसरे प्रदेशों में काम करने वाले प्रवासी श्रमिक अपने घर लौट रहे हैं। रविवार को सैकड़ों की तादाद में श्रमिक पानीपत खटीमा राजमार्ग से पैदल ही गुजरते नजर आएं। जब श्रमिकों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यूपी हरियाणा बॉर्डर पर उनकी डॉक्टरों द्वारा मेडिकल स्क्रीनिंग नहीं हुई है। जब मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया तो पूर्वाह्न करीब 11 बजे डाक्टरों की टीम यमुना पुल पर पहुंची तथा हरियाणा की और से आने वाले मजदूरों की स्क्रीनिंग शुरू हुई। इस मामले में एसडीएम देवेंद्र सिंह ने बताया कि अगर ऐसी स्थिति है तो चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया जाएगा कि 24 घंटे यमुना पुल पर डाक्टरों की ड्यूटी बनी रहे ताकि दोबारा ऐसी स्थिति न आए। उधर, दूसरे राज्यों व जिलों से आने वाले लोगों के लिए हरियाणा बार्डर पर सूची बनाई गई है। उन लोगों के गांव और आस पड़ोस में पत्रक चस्पा कर उन्हें 14 दिन के अपने घर में क्वारंटीन में रहने की सलाह दी। साथ ही कहा कि अगर उन्हें कोई परेशानी होती है तो स्वास्थ्य विभाग को सूचना दे।
ग्रामीणों की मदद से यूपी में पहुंचे बरेली के श्रमिक
कैराना। शनिवार रात करीब 9 बजे करनाल में कारपेट फैक्टरी में काम करने वाले बरेली निवासी नूरहसन, जीशान, अली हसन, साकिर व रियासुदीन सहित 12 श्रमिक पानीपत होते हुए पैदल ही कैराना पहुंचे। कैराना में अम्बा पैलेस में बनाया गया कैंप बंद मिलने पर सभी श्रमिक बाहर सड़क पर बैठ गये। इस दौरान कुछ लोगों ने श्रमिकों को खाने के लिए फल दिए। नूर हसन ने बताया कि वो सभी करनाल से सुबह के समय चले थे। शाम के समय यमुना पुल से उन्हें आने नहीं दिया, जिसके बाद उनको गांव के लोगों की मदद से वे यूपी में पहुंचे। उनकी स्क्रीनिंग भी नहीं हुई। यह जानकारी मिलने पर एसडीएम देवेंद्र सिंह ने श्रमिकों को सरकारी अस्पताल भेजकर स्क्रीनिंग कराई।
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बिड़ौली बार्डर पर शिविर में हुई स्क्रीनिंग
झिंझाना। लॉकडाउन के चलते अन्य प्रदेशों से आ रहे मजदूरों को यूपी में प्रवेश करने से पहले चिकित्सीय परीक्षण किया जा रहा है। करनाल हाईवे स्थित बिड़ौली बार्डर पर लगाए गए चिकित्सा शिविर में डाक्टरों की टीम अन्य प्रदेश से आ रहे सभी लोगों का सैनिटाइज के बाद उनकी स्कैनिंग कर यूपी में जाने की अनुमति दी जा रही है। शिविर में चिकित्सक शशिकांत ने बताया की सीएमओ के निर्देश पर सीमा पर चिकित्सा शिविर लगाया गया है। कोई भी महिला पुरुष बिना स्क्रीनिंग के यूपी में प्रवेश नहीं कर सकता है। रविंद्र यादव, इकबाल खां आदि स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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