शामली। साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों के जरिए निकालने वाले नेटवर्क की जांच में सामने आया कि 10 संदिग्ध बैंक खातों में कुल 38 लाख 88 हजार 191 रुपये जमा हुए, जिन्हें कुछ ही समय बाद चेकों के माध्यम से निकाल लिया गया।
इन खातों के तार देश के 14 राज्यों में दर्ज साइबर ठगी के मामलों से जुड़े मिले हैं। इस मामले में कोतवाली में तैनात एसआई बाबूराम सिंह की तहरीर पर 10 खाताधारकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार विवेचना के दौरान भारतीय स्टेट बैंक के दस संदिग्ध बैंक खातों की जांच की गई। बैंक स्टेटमेंट के विश्लेषण में पाया गया कि खातों में यूपीआई, आरटीजीएस और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से बड़ी रकम जमा की गई।
इसके बाद उसी दिन अथवा कुछ समय बाद चेकों के जरिए लाखों रुपये निकाल लिए गए। जांच में यह भी सामने आया कि इन खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) और समन्वय पोर्टल पर पहले से साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं।
एसआई बाबूराम सिंह की तहरीर पर हरियाणा के यमुनानगर जनपद की छछरौली निवासी संजीव, मोहल्ला खिजराबाद निवासी रोहित वालिया, अमादलपुर (जगाधरी) निवासी सोनी, जगाधरी निवासी अनिल कुमार, सुघमाजरी निवासी अनिल, बागपत के किशनपुर बराल निवासी वसीम, सहारनपुर के बेहट निवासी अब्दुल कादिर, मुजफ्फरनगर के सेनपुर निवासी आस मोहम्मद, मिमलाना निवासी मुरसलीन तथा बागपत के टीकरी निवासी हरेंद्र के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-डी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।