शामली में बुढ़ाना रोड पर कोचिंग सेंटर की जांच करती टीम। प्रशासन
शामली। लखनऊ में सोमवार को कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद अग्निशमन विभाग ने जिले में कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखा। मंगलवार को पहले दिन जिले में 46 कोचिंग सेंटरों के निरीक्षण में अधिकतर कोचिंग संस्थानों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए गए।
फायर स्टेशन प्रभारी युवकेश ने बताया कि निरीक्षण के लिए पांच टीमें बनाई गई है। इनमें दो टीम ने शामली में, एक टीम थानाभवन व जलालाबाद, एक टीम कैराना व कांधला और एक टीम ने झिंझाना व ऊन में कोचिंग सेंटर पर जाकर जांच की। पहले दिन थानाभवन, जलालाबाद में छह, झिंझाना व ऊन के नौ, कांधला व कैराना में 12 और शामली में 19 कोचिंग सेंटरों की जांच की गई। अधिकतर कोचिंग सेंटर ग्राउंड फ्लोर पर मिले, लेकिन वहां पर आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए गए। उन्होंने बताया कि कोचिंग सेंटर पर जो अव्यवस्थाएं व लापरवाही मिली है, उनकी रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
डीआईओएस ने जांच के लिए सात सदस्यीय टीम की गठित
जिले में चल रहे कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए डीआईओएस ऐश्वर्या जायसवाल ने राजकीय विद्यालयों के सात प्रधानाचार्यों की समिति गठित की है। समिति में विपिन कुमार, पुनीत , अमित मलिक, ललिता, नीता जैन, सीमा वर्मा आदि को शामिल किया गया है। डीआईओएस ने बताया कि जांच टीम को क्षेत्रवार कोचिंग सेंटरों पर जाकर व्यवस्थाएं देखने, पंजीकरण संबंधी दस्तावेजों और मानकों समेत सभी बिंदुओं पर जांच करेगी। जांच टीम को दस जुलाई तक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। संवाद
शामली में बुढ़ाना रोड पर कोचिंग सेंटर की जांच करती टीम। प्रशासन