आयुष मलिक का गोल टोपी पहने वायरल फोटो। स्रोत वीडियोग्रेब
शामली। शहर के मेडिकल स्टोर संचालक के पुत्र का धर्मांतरण के मामले में बघरा आश्रम के स्वामी यशवीर महाराज की 12 जून को शामली की कुरैशी बस्ती में हिंदू महापंचायत की घोषणा के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। पुलिस ने देर रात मेडिकल स्टोर संचालक की तरफ से युवती समेत परिवार के सात लोगों और तीन मौलवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
शहर के मोहल्ला दयानंद नगर निवासी मेडिकल स्टोर संचालक देवराज मलिक की तरफ से शनिवार देर शाम शहर कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उसके पुत्र आयुष मलिक को मोहल्ला काजीवाड़ा निवासी चांदनी कुरैशी ने योजनाबद्ध तरीके से प्रेमजाल में फंसा लिया। इसके बाद चांदनी ने अपनी बहन राहित कुरैशी, सुमाइला कुरैशी, राबिया कुरैशी, भाई आस मोहम्मद उर्फ आसु कुरैशी, हुमा कुरैशी और पिता इस्लाम कुरैशी, मौलवी मुनव्वर व दो अन्य मौलवी निवासी आजाद चौक ने दबाव बनाकर उसे मुस्लिम धर्म अपनाने पर मजबूर किया और उसका फर्जी निकाहनामा अब से करीब चार वर्ष पूर्व तैयार करा दिया गया। इसके बाद आयुष से अनुचित मांग की और इन सभी ने मिलकर उसके पुत्र को मानसिक रूप से प्रभावित किया।
पीड़ित के मुताबिक इन आरोपियों ने उसे व उसके परिवार के अन्य सदस्यों पर भी इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाया गया और विरोध करने पर उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपी करीब पांच वर्षों से उसके पुत्र की सारी कमाई हड़प रहे हैं और नाजायज आर्थिक लाभ भी उठा रहे हैं। आरोप है कि आरोपियों का उसकी व उसके पुत्र की संपत्ति पर कब्जा करना उद्देश्य है।
देवराज मलिक ने इस मामले में कुछ बाहरी लोगों के भी शामिल होने की आशंका जताई है। इससे पहले दोपहर में पुलिस ने आरोपी युवती व उसके पिता को कोतवाली बुलाकर पूछताछ की थी।
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर दस के खिलाफ विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।