शामली के गांव भूरा में ग्राम प्रधान पति के नेतृत्व में जिम्मेदार ग्रामीणों ने नशाखोरी के विरुद्ध अभियान चला रखा है। एक माह से गांव के आसपास जहां भी युवक नशा करते दिख जाते हैं, ग्रामीण वहीं पहुंच जाते हैं। नशा करने वाले युवकों को पहले समझाया जाता है। उसके बाद उनसे नशीला पदार्थ छीनकर नष्ट कर दिया जाता है। जिसके चलते भूरा गांव के हालात पहले से सुधार पर हैं।
क्षेत्र का गांव भूरा नशाखोरी के लिए बदनाम है। पुलिस गांव में कई बार नशीले पदार्थों की खेप पकड़ चुकी है। भूरा की युवा पीढ़ी नशे के जाल में फंसकर बर्बाद हो रही है। युवा नशे के आदी होने के बाद स्मैक खरीदने के लिए अपराध में उतर रहे हैं। युवा पीढ़ी की बर्बादी को देखकर एक माह पूर्व ग्राम प्रधान पति अहसान ने नशे को जड़ से खत्म करने का बीड़ा उठाया, जिसमें गांव के दो दर्जन जिम्मेदार लोगों ने ग्राम प्रधान की मुहिम में उनका साथ दिया। ग्राम प्रधान पति
अहसान ने बताया कि युवाओं की हालत देखकर एक माह से वह और गांव के ही चौधरी मतलूब, चौधरी अख्तर, इस्सा, तालिम आदि 20 लोग गांव में जगह जगह घूमकर स्मैक पीते युवकों को पकड़ रहे हैं। युवकों को स्मैक से होने वाले आर्थिक और शारीरिक नुकसान के बारे में समझाया जाता है। अगर उसके बाद भी वह स्मैक पीता मिल जाता है तो उसकी स्मैक छीन कर नष्ट कर दी जाती है तथा उसके साथ सख्ती बरती जाती है। इसके अलावा गांव में कई दुकानों पर
स्मैक बेची जा रही थी। अभियान के चलते उस पर काफी हद तक अंकुश लगा है।
अभियान में पुलिस अधिकारी भी उनका भरपूर साथ दे रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही उनका गांव नशा मुक्त हो जाएगा। कोतवाली प्रभारी एपी भारद्वाज ने बताया कि अभियान मे पुलिस प्रशासन उनके साथ है।