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Shamli News: किसानों ने दी चेतावनी, अब या तो भुगतान, या फिर 11 से आंदोलन

Sat, 08 Nov 2025 12:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। गन्ना भुगतान में हो रही देरी और किसानों की अनदेखी से नाराज भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को सोंता रसूलपुर गांव में पंचायत की। पंचायत में तय हुआ कि यदि जल्द किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 11 नवंबर को ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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भाकियू के प्रदेश संगठन मंत्री जाहिद ने कहा कि जिले की ऊन और थानाभवन चीनी मिलों पर किसानों का पिछले साल का लगभग 80 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। किसान महीनों से आंदोलन कर रहे हैं, धरने दे रहे हैं, लेकिन सरकार और मिल प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।
उन्होंने कहा कि किसानों पर स्मार्ट मीटर लगाकर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। वहीं, बेसहारा पशुओं से फसलें तबाह हो रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि हरियाणा की मंडियों में धान नहीं जाने दिया जा रहा, जबकि शामली में खरीद की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे किसान दोहरी मार झेल रहे हैं। उन्होंने मांग की कि तुरंत धान को हरियाणा की मंडियों में भेजने की अनुमति दी जाए।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ, तो वे 11 नवंबर को ऊर्जा निगम कार्यालय पर विशाल धरना देने को बाध्य होंगे। पंचायत में भुट्टू प्रधान, चौधरी सलीम, श्रीराम पंडित, ज़ाहिद ठेकेदार, खलील, सरफराज, कलाम, कादिर सहित कई किसान मौजूद रहे।



भाकियू प्रगति ने भी उठाई आवाज



शामली। शहर के एक होटल में भाकियू प्रगति के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अमित मलिक की अध्यक्षता में किसानों की बैठक आयोजित की गई। इसमें बॉर्डर पर खड़े धान के सैकड़ों वाहनों के विषय में चर्चा हुई। चौधरी अमित मलिक ने कहा कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो भाकियू प्रगति बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष (महिला विंग) संगीता चौहान, प्रदेश अध्यक्ष जादूनाथ, चंद्रजीत यादव, मोहित सिंह समेत अनेक किसान नेता उपस्थित रहे।
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