फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: यूरिया के लिए भटकते किसान, खाली हाथ लौटते अरमान

Sun, 24 Aug 2025 12:13 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
विज्ञापन
विज्ञापन
शामली/कैराना/जलालाबाद। इस समय धान और गन्ने की फसल को सबसे ज्यादा खाद की जरूरत है, लेकिन किसान यूरिया की एक बोरी पाने के लिए सुबह से शाम तक समितियों के चक्कर काट रहे हैं। पड़ताल के दौरान कहीं समितियों पर ताले लटके मिले, तो कहीं यूरिया का स्टॉक ही नहीं मिला। किसानों की हालत यह है कि घंटों लाइन में लगने और किलोमीटरों का सफर तय करने के बाद भी उन्हें मायूस होकर खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। वहीं अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है।
विज्ञापन


शामली इफको सेंटर पर नहीं मिला खाद
माजरा रोड स्थित इफको सेंटर पर पहुंचे कांधला निवासी सतेंद्र ने बताया कि वह 20 किलोमीटर दूर से आया, चार दिन से प्रयास कर रहा है लेकिन खाद नहीं मिल रही। गोहरनी निवासी आरिफ ने बताया कि उनसे यूरिया देने से साफ मना कर दिया गया और केवल डीएपी तभी दी जा रही है जब साथ में अन्य दवाइयां खरीदी जाएं। किसानों का आरोप है कि यूरिया चार दिन से खत्म है।

गन्ना समिति शामली में ताला बंद, लौटे किसान
गन्ना समिति स्थित खाद गोदाम पर किसान पहुंचे तो वहां ताला बंद मिला। बहावड़ी निवासी रामेंद्र और बरलाजट के रुपेंद्र समेत कई किसानों ने बताया कि कई दिनों से चक्कर काटने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है।
विज्ञापन


मलकपुर समिति पर 500 बोरे मिनटों में खत्म
मलकपुर समिति पर शुक्रवार को यूरिया की गाड़ी आई थी, जिसमें 500 बोरे लाए गए। समिति सचिव अनंत पाल ने बताया कि धान की फसल के चलते खाद की भारी मांग है। शनिवार को सभी 500 बोरे किसानों को बांट दिए गए। अब सोमवार या मंगलवार को ही अगली गाड़ी आने की उम्मीद है।

जलालाबाद – हसनपुर लुहारी समिति पर दो सप्ताह से ठप आपूर्ति
बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समिति हसनपुर लुहारी में दो सप्ताह से खाद की आपूर्ति नहीं हुई। किसान सुक्कन सिंह ने कहा कि फसल बर्बाद होने की कगार पर है और उन्हें जल्द से जल्द खाद चाहिए। समिति सचिव जितेंद्र कुमार ने बताया कि एक-दो दिन में खाद आने की संभावना है।

वर्जन
उप-कृषि अधिकारी प्रमोद कुमार का कहना है कि खाद की कोई कमी नहीं है। जरूरत के मुताबिक किसानों को खाद उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन कुछ किसान मानक से अधिक खाद लेने का प्रयास करते हैं जिससे समस्या सामने आती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें