शामली शुगर मिल में हंगामा करते किसानों से वार्ता करते पुलिसकर्मी।
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शामली चीनी मिल के केन यार्ड के गेट बंद करने को लेकर दोपहर में किसानों ने हंगामा कर दिया। सूचना पर पुलिस- पीएसी बल मौके पर पहुंची और मिल का गेट खुलवाकर किसानों को शांत किया। एहतियात के तौर पर मिल में एक सेक्शन पीएसी बल तैनात किया गया है। रात को करीब नौ बजे मिल ने पेराई सत्र का समापन हो गया।
शामली चीनी मिल का पेराई सत्र अंतिम चरण में एक तरफ जहां किसान मिल में गन्ना पहुंचाने में लगे थे, वहीं मिल प्रबंधन पेराई सत्र के समापन करने की तैयारी में लगा रहा। मिल की जल्दबाजी के चलते गन्ने का इंडेंट अधिक जारी करने पर शहर को करीब एक माह तक जाम झेलना पड़ा। शनिवार सुबह भी शहर में काफी संख्या में किसान बुग्गी और ट्रैक्टर में गन्ना लेकर पहुंचे थे। दोपहर को काफी संख्या में किसान अपना गन्ना लेकर शुगर मिल में आए थे। जैसे ही गन्ने के वाहन कम हुए किसानों का आरोप है कि मिल कर्मियों ने केन यार्ड का ट्रक और ट्राली वाला गेट अचानक बंद कर दिया। इसी दौरान कुछ किसान ट्रैक्टर ट्राली लेकर आ गए । गेेट बंद देख उन्होंने हंगामा कर दिया। किसानों की मिलकर्मियों से कहासुनी होने लगी।
किसानों ने मिल प्रबंधन के बारे में खूब खरी खोटी सुनाई। किसानों ने कह दिया कि जब तक उन पर गन्ना है तब तक मिल बंद नहीं होने देंगे। किसानों का हंगामा करने पर मिल के वरिष्ठ अधिकारी किसानों के बीच पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा सके। कंट्रोल रूम पर किसानों के हंगामा करने और झगड़ा करने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी सुभाष सिंह राठौर पुलिस और पीएसी बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाकर शांत किया। किसानों ने मिल अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की, लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। कोतवाल ने अधिकारियों से वार्ता कर मिल गेट बंद करने का समय शाम चार बजे तक बढ़ा दिया, लेकिन किसान नहीं माने। किसानों का कहना था कि जब तक गन्ना मिल में आता रहेगा तब तक मिल बंद नहीं होगी। बाद में तय हुआ कि जब तक मिल में गन्ना आएगा तब तक मिल चलाई जाएगी। किसी तरह किसानों को शांत किया गया।
कोतवाली प्रभारी सुभाष सिंह राठौर ने बताया कि एहतियात के तौर पर एक सैक्शन पीएसी बल मिल में तैनात किया गया। उधर, जिला गन्ना अधिकारी डाक्टर अनिल कुमार भारती ने बताया कि मिल गेट बंद होने पर किसानों के हंगामे की सूचना मिली थी। उस समय गेट खुलवाकर मामला शांत करा दिया था। डीसीओ ने बताया कि गन्ना खत्म होने पर रात करीब नौ बजे शामली चीनी मिल बंद हो गई। इसके बाद पेराई सत्र 2018-19 का समापन हो गया।