शामली/ऊन/चौसाना/जलालाबाद। गन्ना बुवाई में जिले में यूरिया और डीएपी खाद की किल्लत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बृहस्पतिवार को सहकारी समितियों के गोदामों पर ताले लटके रहे तो कहीं यूरिया और डीएपी का स्टॉक खत्म होने पर किसान बैरंग ही ही लौटने के जिए मजबूर रहे। बृहस्पतिवार को जिले की विभिन्न सहकारी समितियों पर की गई पड़ताल में किसान यूरिया-डीएपी के लिए भटकते हुए नजर आए।
शामली : शहर के माजरा रोड स्थित इफको केंद्र पर यूरिया उपलब्ध नहीं मिला, जबकि डीएपी के करीब 200 बैग मौजूद थे। सर्वर खराब होने के कारण किसान लंबी कतारों में खड़े थे। बुटराड़ा के किसान समीर ने बताया कि उन्हें गन्ने में डालने के लिए एक बैग यूरिया चाहिए था, लेकिन नहीं मिला। वहीं गन्ना सोसाइटी के गोदाम पर ताला लटका मिला। कार्यालय में मौजूद संजय सैनी ने बताया कि गोदाम मंगलवार और शुक्रवार को खुलता है।
चौसाना : सहकारी समिति में न तो डीएपी है और न ही यूरिया, जिससे किसानों को भारी परेशानी हो रही है। कर्मचारी विकास कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष की क्लोजिंग के चलते आपूर्ति बाधित रही है, लेकिन दो दिन में खाद पहुंचने की उम्मीद है। किसान राजबीर और अमन ने प्रशासन से जल्द आपूर्ति कराने की मांग की है।
ऊन : प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति में पिछले 10 दिनों से यूरिया उपलब्ध नहीं है। समिति के एमडी देवेंद्र कुमार ने बताया कि क्लोजिंग के कारण खाद नहीं आया है, दो-तीन दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी। किसान नीरज, वेदपाल, सतेंद्र और राहुल ने बताया कि उन्हें रोजाना चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल रहा।
चार को मिलेगा किसानों को यूरिया खाद
कैराना। भूरा और मलकपुर सोसाइटी पर पिछले करीब 15 दिन से यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है। जिससे चलते किसानों को गन्ना बोने में परेशानी उठानी पड़ रही है। भूरा निवासी तसव्वर ने बताया कि समिति पर यूरिया खाद नहीं मिलने से परेशानी हो रही है। मलकपुर समिति पर अभी तक भी यूरिया खाद नहीं आया है। भूरा समिति के एमडी सुमित कुमार ने बताया कि 30 मार्च को यूरिया के 500 बोरे आ गए थे। शुक्रवार को अधिकारी आकर स्टॉक का सत्यापन करेंगे। इसके उपरांत शनिवार को किसानों को यूरिया खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
जलालाबाद : प्राथमिक सहकारी समिति पर खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध मिला, लेकिन क्लोजिंग के चलते वितरण बंद रहा। समिति के चेयरमैन मदन सैनी ने बताया कि शुक्रवार से किसानों को यूरिया और डीएपी वितरित किया जाएगा।
जनपद में डीएपी और यूरिया की कोई कमी नहीं है। दो दिन पहले भी खाद की रैक आई थी और मांग के अनुसार आपूर्ति की जा रही है। यदि कहीं कमी है तो वह क्लोजिंग के कारण अस्थायी समस्या है। जल्द ही सभी समितियों पर खाद उपलब्ध करा दी जाएगी।
— प्रदीप कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी
लाइवबंद पड़ी सहकारी समिति ऊन। संवाद- फोटो : ऊंचाहार के मनीरामपुर स्थित टेल के पास काटे गए पेड़।