शमली। डिजिटल राष्ट्रीय जनगणना अभियान 2027 के तहत जिले में बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। जनगणना कार्य के लिए करीब 3500 कर्मचारियों और 450 सुपरवाइजरों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जिनमें शिक्षामित्र, अनुदेशक और शिक्षक शामिल होंगे।
गणना की प्रक्रिया 7 मई से शुरू होकर 31 मई तक चलेगी। वहीं, 27 मई से 20 जून तक घर-घर जाकर मकानों की गणना और सूचीकरण का कार्य किया जाएगा।
शुक्रवार को नवीन कलक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं जिला जनगणना अधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में संबंधित अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना की तैयारियों और कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि राष्ट्रीय जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में 22 मई से 20 जून तक मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 के बीच नागरिकों की जनगणना की जाएगी।
इस बार जनगणना पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। प्रगणक द्वारा उत्तरदाताओं से 34 प्रश्न पूछे जाएंगे, जो मकान और मूलभूत सुविधाओं से संबंधित होंगे। स्व-गणनाभी इस बार प्रक्रिया का हिस्सा होगी। इसके तहत 7 मई से 21 मई 2026 के बीच नागरिक स्वयं पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 12 अंकों की एक यूनिक आईडी जनरेट होगी, जिसे प्रगणक को देकर जनगणना की पुष्टि कराई जा सकेगी।
जनपद शामली में यह पूरा कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने के लिए लगभग 3500 प्रगणक और 450 सुपरवाइजर लगाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में जनगणना का कार्य एसडीएम और तहसीलदार की निगरानी में होगा, जबकि शहरी क्षेत्रों में नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी इसकी देखरेख करेंगे।