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Shamli News: बकाया गन्ना भुगतान समेत विभिन्न मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

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थानाभवन। क्षेत्र के गांव नोजल में किसान मजदूर अधिकार पंचायत में बोलते ठाकुर पूरण सिंह । संवा
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थानाभवन। क्षेत्र के गांव नौजल में मंगलवार को किसान मजदूर संगठन के तत्वावधान में किसान मजदूर अधिकार पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में बकाया गन्ना भुगतान, स्मार्ट मीटर विरोध और बढ़े बिजली बिलों को लेकर किसानों ने जमकर आक्रोश जताया।
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गांव के मस्तगढ़ मार्ग स्थित तालाब के पास बड़े गुलाबी शामियाने में आयोजित पंचायत में सैकड़ों किसान शामिल हुए। उन्होंने कहा कि गन्ना भुगतान न होने से वे आर्थिक संकट में फंसे हैं। बच्चों की फीस, बिजली बिल और घरेलू खर्च पूरे नहीं हो पा रहे। वहीं स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिजली के बिल दोगुने से भी अधिक आने लगे हैं।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह ने कहा कि जब तक गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित नहीं किया जाता, तब तक किसान चैन से नहीं बैठेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्मार्ट मीटर का पुरजोर विरोध किया जाएगा। सरकार यह लिखित में बताए कि पुराने मीटर खराब हैं, अन्यथा ग्रामीण क्षेत्रों में कोई नया मीटर नहीं लगने दिया जाएगा।
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उन्होंने प्रदेश सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि मिलें चलने की कगार पर हैं, लेकिन गन्ने के मूल्य की घोषणा नहीं हुई और न ही बकाया भुगतान हुआ है। ऐसे में किसान गहरे आर्थिक संकट में है।
धान ट्रॉलियों को करनाल बॉर्डर पर रोके जाने पर किसानों ने कहा कि जब कानून कहता है कि किसान अपनी फसल कहीं भी बेच सकता है, तो फिर सीमाओं पर पुलिस किसानों को रोक क्यों रही है? यह दोहरी नीति किसानों के साथ अन्याय है।
सभा में यह निर्णय लिया गया कि 30 अक्टूबर को शामली कलेक्ट्रेट पर किसान संगठन द्वारा बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा, जहां किसानों की समस्याओं का ज्ञापन उच्च अधिकारियों को सौंपा जाएगा।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष लाखन सिंह, जिला उपाध्यक्ष सचिन राणा, कपिल राणा, खेम सिंह राणा, मुदित राणा, जिलाध्यक्ष सहारनपुर अजब सिंह, यशपाल चौहान, रामपाल सिंह (पूर्व सैनिक), शहजाद राणा, ओमप्रकाश सिंह, ब्रजपाल राणा, राजीव राणा, पूर्व प्रधान बृजपाल सिंह, नेपाल राणा, श्रीपाल राणा, मोहन शर्मा सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।


दोनों शुगर मिलों पर अभी भी बकाया है 80 करोड़
शामली। किसानों का थानाभवन शुगर मिल पर 60 करोड़, जबकि ऊन शुगर मिल पर 20 करोड़ रुपये गन्ना भुगतान बकाया है। किसान आए दिन बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर धरने से लेकर पंचायत तक कर रहे हैं, मगर सुनवाई नहीं हो रही। किसानों ने कहा कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन करने को मजबूर होंगे। किसानों का कहना है कि हर बार उन्हें अपने ही रुपयों के लिए आंदोलन करना पड़ता है।
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- किसानों द्वारा बकाया भुगतान को लेकर जिले में पूर्व में किए गए आंदोलन

- वर्ष 2017 में बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने 17 दिन तक धरना दिया था।
- वर्ष 2018 में बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसान यूनियन का कलक्ट्रेट पर 19 दिन तक धरना चला था।

- वर्ष 2018 में ही बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने 12 दिन तक धरना दिया था।

- वर्ष 2020 में 13 से 30 जनवरी तक किसानों ने बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर धरना दिया।

- वर्ष 2022 में तहसील में किसानों ने 6 दिन तक धरना दिया था।
अगस्त 2024: इस समय किसानों ने विभिन्न चीनी मिलों पर बकाया भुगतान को लेकर आंदोलन किया था

1 से 4 फरवरी 2025: इस अवधि में किसानों ने भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन किए।

अक्टूबर 2025: किसानों ने गन्ना भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन किया, डीएम कार्यालय पर भी ज्ञापन सौंपा गया था।
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