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Shamli News: 410 साइबर अपराधियों की संपत्ति जब्त करेगी पुलिस

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शामली। जिले में साइबर ठगी का जाल अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैल चुका है। पुलिस ने जांच के बाद ऐसे 410 साइबर अपराधियों की पहचान की है, जो दुबई, न्यूजीलैंड, थाईलैंड समेत कई देशों से बैठकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इन अपराधियों की हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान के जोधपुर और उत्तर प्रदेश में स्थित संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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पिछले कुछ महीनों में जिले में डिजिटल अरेस्ट और रुपये इनवेस्ट करने के नाम पर लोगों को ठगने की वारदातें तेजी से बढ़ी हैं। 26 अक्तूबर को कांधला के प्रॉपर्टी डीलर कय्यूम से भाई को दिल्ली में गिरफ्तार दिखाकर डिजिटल अरेस्ट कर दो लाख रुपये ठगे गए। वहीं हनुमान रोड निवासी सत्यवीर से एक लाख रुपये की ठगी की गई।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ठगों की लोकेशन दुबई, न्यूजीलैंड व थाईलैंड की निकली, जबकि जिन खातों में पैसे भेजे गए, वे असम, बिहार, दिल्ली और हरियाणा के मेवात के लोगों के नाम पर थे। ये खाते मजदूरों और मिस्त्रियों से 5,000 रुपये किराये पर लेकर खोले गए थे।
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एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में दर्ज 32 साइबर अपराध मामलों में इन 410 अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है। इनकी संपत्ति कुर्क करने के आदेश तैयार कर लिए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि विदेशों में बैठे ठगों के स्थानीय गुर्गे भारत में सक्रिय हैं, जो ठगे गए पैसों को ट्रांसफर करते हैं और बदले में 20 से 30 प्रतिशत कमीशन पाते हैं। यानी अगर किसी खाते में 1,00,000 ठगी से आते हैं तो 30,000 रुपये तक कमीशन के रूप में इन्हें मिलता है।

विदेशों में बैठे मास्टरमाइंड और भारत में उनके नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि दुबई में रेगान, न्यूजीलैंड में अलतमश और अन्य आरोपियों के नेटवर्क सक्रिय हैं।
इनकी संपत्तियां मेवात (हरियाणा), जोधपुर (राजस्थान) और दिल्ली में पाई गई हैं।
स्थानीय पुलिस के सहयोग से जल्द इन संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई होगी।
एसपी ने बताया कि एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है और गिरोह का जल्द भंडाफोड़ कर दिया जाएगा।

थाना प्रभारियों को मिलेगा साइबर ट्रेनिंग कोर्स
एसपी ने बताया कि अब किसी भी थाने में तैनात अधिकारी को साइबर अपराध की ट्रेनिंग लेना अनिवार्य होगा। नोएडा से साइबर एक्सपर्ट बुलाकर थाना प्रभारियों को तीन दिन की विशेष क्लास दी जाएगी, जिसमें उन्हें बताया जाएगा कि किस तरह से साइबर अपराधियों का पता लगाकर कार्रवाई की जाए। साथ ही विवेचना अधिकारियों के लिए भी साइबर कोर्स अनिवार्य किया जाएगा।

हर माह बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट और इनवेस्टमेंट फ्रॉड के केस
शामली पुलिस के अनुसार जिले में परंपरागत साइबर अपराधों जैसे ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, केवाईसी ठगी) में कमी आई है, लेकिन डिजिटल अरेस्ट और इनवेस्टमेंट स्कीम के मामलों में इजाफा हुआ है।
हर महीने पांच से छह नए मामले दर्ज हो रहे हैं। पुलिस लगातार लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रही है।

: ठगी से बचाव के उपाय
1.अजनबी कॉल या लिंक पर भरोसा न करें। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर पैसे नहीं मांगती।
2. डिजिटल अरेस्ट या पुलिस गिरफ्तारी का डर दिखाने वाली कॉल्स पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
3. किसी को भी ओटीपी, यूपीआई पिन या पासवर्ड न बताएं।
4. बैंक स्टेटमेंट नियमित चेक करें और संदिग्ध लेनदेन पर 24 घंटे में शिकायत करें।
यदि ठगी हो जाए तो साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।


-विदेशों में बैठे ठग अब स्थानीय गुर्गों के जरिये लोगों को निशाना बना रहे हैं। गिरोह के संबंध में अहम सुराग हाथ लगे हैं। जनता सतर्क रहे। किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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-नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी शामली
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