एसटीएफ को आशंका है कि इकबाल काना गैंग के अन्य गिरोह के सदस्यों की मदद से नकली नोट तैयार कर यूपी के अलावा अन्य राज्यों में भेजे जा रहे हैं। या फिर सदस्यों को ट्रेनिंग देकर भारत में ही नकली नोट छापे जा रहे हैं। इसके अलावा एसटीएफ क जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है।
पकड़े गए आरोपी इमरान का चचेरा भाई पंजाब के जालंधर में पंजाब के लारेंस गैंग से जुड़ा हुआ है। वहीं पर हथियारों की तस्करी करता था। अभी भी वह पंजाब से वांछित चल रहा है। इमरान का चचेरा भाई और अन्य सदस्यों की मदद से हरियाणा ओर पंजाब में हथियार सप्लाई कर रहे हैं।
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पाकिस्तान से तो ऑपरेट नहीं हो रहा पूरा गिरोह
इमरान का एक भाई पिछले साल ही बाघा बाॅर्डर पर हथियारों की सप्लाई के मामले में पकड़ा गया था। वर्तमान में वह पाकिस्तान की किसी जेल में ही सजा काट रहा है। एसटीएफ को आशंका है कि पाकिस्तान से ही गिरोह को ऑपरेट किया जा रहा है।
हो सकता है कि इमरान और अन्य फरार आरोपी जेल में बंद आरोपी के संपर्क में हो और नकली नोटों के साथ-साथ हथियारों की भी तस्करी कर रहे हो। पकड़े गए आरोपी इमरान का पिता इकबाल काना गैंग का सक्रिय सदस्य रहा है। हालांकि, अब उसके पिता की मौत हो चुकी है।
इमरान पर हो चुकी एनएसए की कार्रवाई
एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार ने बताया कि जांच में पता चला है कि पकड़े गए आरोपी इमरान के खिलाफ पूर्व में भी नकली नोटों का मामला दर्ज है। उस पर एनएसए के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है।