शामली। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश व हरियाणा को जोड़ने वाला पानीपत–शामली–गोरखपुर एक्सप्रेसवे जिले के विकास की तस्वीर बदल सकता है। करीब 750 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से रियल एस्टेट और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
यह एक्सप्रेसवे यूपी के 22 जिलों और 37 तहसीलों से होकर गुजरेगा, जिसमें शामली की तीन तहसीलें भी शामिल हैं। इसके निर्माण से पानीपत, शामली और गोरखपुर के बीच सफर आसान होगा और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
करीब 35 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस प्रोजेक्ट की डीपीआर एक निजी कंपनी द्वारा तैयार की जा चुकी है। रुड़की स्थित एनएचएआई इकाई द्वारा तीन-डी अधिसूचना गजट के लिए भेजी जा चुकी है, जिसका इंतजार किया जा रहा है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व सत्येंद्र कुमार सिंह के अनुसार गोगवान जलालपुर, भैंसानी इस्लामपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में भूमि खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई है। औद्योगिक गलियारे के तहत सात गांवों की भूमि का निरीक्षण भी किया जा चुका है और रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
रोजगार और व्यापार को मिलेगा बल : परियोजना के चलते कृषि, उद्योग, परिवहन, पर्यटन और विनिर्माण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। किसानों को बेहतर बाजार मिलने से उनकी आय में भी सुधार होगा।