चिकित्सक के न आने से आक्रोशित परिजन महिला को ले गए निजी अस्पताल
निजी अस्पताल में ऑपरेशन से महिला ने बच्चे को दिया जन्म
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली में गर्भवती महिला तीन घंटे तक प्रसव पीड़ा से तड़पती रही। ऑपरेशन के लिए निश्चेतक के न आने पर परिजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने हंगामा किया। इसके बाद परिजन महिला को निजी अस्पताल ले गए। वहां ऑपरेशन से महिला को बच्चा हुआ। महिला के पति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। परिजनों ने सीएमओ से शिकायत करने की बात कही है।
गांव लिलौन निवासी अबूबकर बुधवार सुबह करीब आठ बजे अपनी पत्नी रूकैया खातून को प्रसव पीड़ा होने पर सरकारी एंबुलेंस से लेकर सीएचसी शामली पहुंचे। सीएचसी पर महिला को भर्ती कर उसकी फाइल तैयार कर ली गई। सीएचसी पर मौजूद स्टाफ नर्स महिला को प्रसव के लिए लेबर रूम में ले गई, लेकिन सामान्य प्रसव न होने पर चिकित्सक ने ऑपरेशन से प्रसव होना बताया, लेकिन आरोप है कि तीन घंटे बाद तक भी निश्चेतक (बेहोशी वाले चिकित्सक) ने आने से मना कर दिया। इस दौरान महिला प्रसव पीड़ा से तड़पती रही, लेकिन चिकित्सक के न आने पर परिजनों में रोष व्यक्त करते हुए हंगामा किया। इसके बाद आक्रोशित परिजन महिला को अपनी गाड़ी से झिंझाना के निकट करनाल रोड स्थित निजी अस्पताल ले गए।
महिला के पति अबूबकर ने बताया कि सीएचसी पर वह तीन घंटे तक परेशान रहे, लेकिन उनकी पत्नी का ऑपरेशन नहीं किया गया। इसके बाद वे अपनी पत्नी को निजी अस्पताल ले गए। अबुबकर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह ऑपरेशन की तैयारी पूरी होने और निश्चेतक के न आने की बात कहते हुए दिखाई दे रहा है।
उधर, सीएचसी में नियुक्त निश्चेतक डॉ. बिजेंद्र सिंह का कहना है कि उन पर लगाए आरोप गलत है। ऑपरेशन के समय वे मौजूद रहते हैं। मंगलवार को भी उनकी देखरेख में महिला का ऑपरेशन हुआ है।
इस संंबंध में सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. दीपक कुमार का कहना है कि उन्होंने निश्चेतक डॉ. बिजेंद्र कुमार को महिला का ऑपरेशन से प्रसव होने की जानकारी दी थी, लेकिन वे नहीं आए। उन्होंने इस संबंध में सीएमओ को अवगत करा दिया है। पूरे मामले की रिपोर्ट भेजी गई है। सीएमओ डॉ . अनिल कुमार ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है।
जिला अस्पताल के गेट पर 20 दिन पहले महिला का हुआ था प्रसव
शामली। सरकारी अस्पतालों में लापरवाही के मामले में पहले भी सामने आ चुके हैं। 20 दिन पहले जिला अस्पताल में प्रसव के लिए आई जिला बागपत के गांव असारा निवासी कौसर को स्टाफ नर्स ने भर्ती करने से इन्कार कर दिया था। इसे लेकर परिजनों ने हंगामा भी किया था। परिजन जब महिला को ले जा रहे थे तो अस्पताल के गेट पर ही खुले में ही महिला को प्रसव हुआ था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। एडी हेल्थ ने शामली पहुंचकर मामले की जानकारी ली थी और स्टाफ नर्स को अस्पताल से हटाकर सीएमओ कार्यालय संबद्ध किया गया था। इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। इस मामले को लेकर भाकियू ने भी सीएमओ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया था। इस मन्ले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शामली सीएचसी में उपचार न मिलने पर निजी अस्पताल में भर्ती महिला व साथ में मौजूद पति। संवाद- फोटो : कटड़ा-श्रीनगर वंदे भारत जम्मूतवी तक दौड़ेगी