छह लेन के हाईवे निर्माण के लिए कवायद
शामली। हरियाणा और वेस्ट यूपी के कई जिलों को जोड़ने वाले अंबाला-शामली इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए एनएचएआई की अंबाला डिवीजन ने थ्री-ए के प्रकाशन की तैयारियां प्रारंभ कर दी है। एनएचएआई ने 110 किमी लंबाई के छह लेन के हाईवे निर्माण के लिए जिला प्रशासन को 12 गांवों के किसानों की भूमि का डाटा सत्यापन के लिए भेजा है। जिला प्रशासन के सत्यापन के बाद डाटा एनएचएआई अंबाला डिवीजन को मिलेगा, जिसके बाद थ्री-ए की अधिसूचना का प्रकाशन होगा। इसके बाद किसानों से आपत्तियां मांगी जाएगी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ होगी।
हरियाणा के अंबाला से शुरू होकर वेस्ट यूपी के सहारनपुर-शामली जिले को जोड़ने वाला 110 किमी लंबा व 65 मीटर चौड़ा छह लेन का इकनॉमिक कॉरिडोर जल्द शुरू होना है। यह इकनॉमिक कॉरिडोर जिले में थानाभवन क्षेत्र के गंदेवड़ा संगम पर दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे और भैंसानी इस्लामपुर व हसनपुर लुहारी के बीच प्रस्तावित दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर को जोड़ेगा। इकनॉमिक कॉरिडोर में सहारनपुर जिले के 30 गांव और शामली जिले के 12 गांवों से होकर गुजरेगा। एनएचएआई अंबाला डिवीजन ने इसकी जद में आने वाले 12 गांवों की भूमि का डाटा जिला प्रशासन को सत्यापन के लिए भेजा है। शामली और ऊन के एसडीएम के साथ ही तहसीलदार इसका सत्यापन कराएंगे। भविष्य में इस इकनॉमिक कॉरिडोर को गोरखपुर से जोड़ने की योजना है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि एनएचएआई की अंबाला डिवीजन ने इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए थ्री-ए की अधिसूचना की तैयारियां प्रारंभ दी है। 12 गांवों के किसानों की भूमि का रिकार्ड प्राप्त हो गया है। एसडीएम-तहसीलदारों के माध्यम से भूमि का सत्यापन कराएंगे।
शामली जिले के गांवों की सूची
- भनेड़ा उद्दा,मानकपुर, गंदेवड़ा संगम, गोगवान जलालपुर, भैंसानी इस्लामपुर, मोर माजरा, कुतुबगढ़, जमालपुर, तितारसी, थानाभवन पट्टी, मनट मंटी, थानाभवन पट्टी कालरु।
दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर: चार गांवों का मुआवजा अभी लंबित
शामली। दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर की जद में शामली जिले के कासमपुर, बुटराड़ा, ख्यावडी, खेड़ीपट्टी, भिक्का माजरा, भाजू, लाडोमाजरी आदि सात गांव का 105.75 करोड़ का मुआवजा प्रशासन को मिल गया है। इससे पहले भी इस हाईवे की जद में आ रहे 11 गांवों का 265 करोड़ रुपये का मुआवजा तीन माह पूर्व मिला था। कुल 22 गांव में अभी तक 18 गांवों का मुआवजा प्रशासन को प्राप्त हो गया है। एसडीएम सदर संदीप सिंह ने बताया कि दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे की जद में चार गांवों का मुआवजा अभी लंबित है। किसान मुआवजा लेने के लिए आवेदन नहीं कर रहे हैं।
दिल्ली- देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर की जद में सात गांवों के मुआवजा का विवरण
कासोपुर गांव- - 3.09 करोड़
- बुुटराड़ा- - 18. 34 करोड़
-ख्यावड़ी- - 17.48 करोड़
- खेडी पट्टी- - 2.22 करोड़
-भिक्का माजरा- - 12.50 करोड़ -
-भाजू- - 28. 32 करोड़
लाडो माजरी- - 23.75 करोड़