ऑनलाइन गेम या फिर साइबर ठग के खाते से पहुंची राशि, जिसके कारण खाते हुए सीज
साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संजीव भटनागर, साइबर एक्सपर्ट नवीन कुमार का कहना है कि जांच में सामने आया है कि जिन लोगों के खाते फ्रीज कराए गए हैं, उनके खाते में किसी तीसरे व्यक्ति के माध्यम साइबर ठग के खाते से रुपये ट्रांसफर किए गए हैं हालांकि पीड़ित को उसकी जानकारी नहीं है। कुछ मामलों में ऑनलाइन गेमिंग के आने वाले रुपये भी साइबर ठगों के खाते से लोगों के खातों में पहुंचे हैं, जिसके कारण खाते फ्रीज की प्रक्रिया देशभर में कराई जा रही है।
फ्रीज खातों में ट्रांजेक्शन शुरू कराने को यह करें
साइबर एक्सपर्ट नवीन कुमार के अनुसार यदि किसी के पास खाता फ्रीज होने का नोटिस आया है तो वह घबराएं नहीं। नोटिस पर संबंधित साइबर थाने के एसआई या फिर एएसआई का मोबाइल फोन नंबर लिखा होता है, उससे बात करें और बताएं कि उन्होंने किसी के साथ ठगी नहीं की है, उनके खाते में जो रुपया आया है वह अन्य खाते से आया है और वह उस रुपये को वापस करने को भी तैयार है। इसके बाद जांच पड़ताल कर साइबर सेल बैंक को खाते में लेनदेन शुरू कराने की रिपोर्ट भेज देता है।
बचाव को यह करें
: किसी अनजान व्यक्ति के खाते में रुपये न डाले न हीं उसके खाते से रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कराए।
: प्रयास करें कि अनजान व्यक्ति से नकद ही रुपये लिए जाए।