डॉक्टरों का कहना है कि बदलते मौसम में लोगों की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है। इस कारण बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हाे जाता है। बुखार को कभी भी हल्के में न लें, तुरंत नजदीकी चिकित्सक को दिखाएं।
कैराना के गांव अलीपुर में 2 दिन के अंदर बुखार से 15 वर्षीय किशोर और इंफेक्शन से 25 वर्षीय युवक समेत चार की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची है।
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गांव अलीपुर के प्रधान नासिर अली के भाई सादिक ने बताया कि 5 दिन पहले मेहरबान के 15 वर्षीय पुत्र सादिक को बुखार आया था। परिजन प्राइवेट डॉक्टर के पास सादिक का उपचार करा रहे थे। सोमवार शाम सादिक की बुखार के चलते मौत हो गई। इसके अलावा एक सप्ताह पहले 25 वर्षीय मजदूर नंदू के पैर में ठोकर लगी थी। पैर में इंफेक्शन फैलने के साथ ही सेप्टिक हो गया था। उसके बाद बुखार भी हो गया। रविवार को नंदू की मौत हो गई थी।
इसके अलावा सोमवार को पूर्व प्रधान फरमान अली की माता 75 वर्षीय सीनो की भी बुखार के कारण मौत हो गई। इसी दिन 90 वर्षीय हाजरी की भी निधन हो गया। दो दिन के अंदर चार मौतों पर गांव में शोक छाया हुआ है। चिकित्सा अधीक्षक कैराना डॉ शैलेंद्र चौरसिया का कहना है कि बुधवार को गांव में टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
बिजनौर के जलीलपुर में बुखार का प्रकोप, 100 से ज्यादा बीमार
जलीलपुर क्षेत्र में बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हर घर में बुखार के रोगी हैं। अकेले जलीलपुर में ही 100 से ज्यादा लोग बुखार की चपेट में हैं। मगर स्वास्थ्य विभाग अनजान बना हुआ है। गांव में न तो कोई शिविर लगा और न ही एंटी लार्वा का छिड़काव हुआ है।
जलीलपुर निवासी गौरव कुमार, प्रियंका देवी, आदेश देवी, सविता देवी, संतोष देवी, अकरम खान, इरफान खान, रशीद अहमद, मुन्नी, आवान, इरशाद खान, आकिब, आसिफ, अनस, अनिशा, मौहम्मद इरफान, शीफा खातून, मोमिना खातून, मौहम्मद साबिर, मौहम्मद ज़ैद, शाहिद खां, चंद्रपाल सिंह, रामकली देवी, मारूफ, छोटू, शाज़िया आदि बुखार से ग्रस्त हैं।
सीएमओ, बिजनौर डॉ. कौशलेंद्र सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजकर बुखार से ग्रसित मरीजों की स्लाइड बनवाई जाएगी। साथ ही गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाएगा।