फॉलोअप : आरोपी श्रम प्रवर्तन अधिकारी जेल भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। युवा श्रमिकों की मौत के बाद सहायता राशि दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने वाले श्रम प्रवर्तन अधिकारी सुरेश प्रकाश गौतम को पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया है। एंटी करप्शन की टीम ने उसे सोमवार को बनत बाईपास पर ढाबे से रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां हाथ लगीं हैं।
कांधला क्षेत्र के असदपुर जिड़ाना निवासी सूबेदीन (67) के दो बेटे श्रमिक कार्डधारक थे। बड़े बेटे जमील की चार साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। जबकि छोटे बेटे मोहसिन की सात जुलाई 2022 को हरियाणा के पानीपत में सड़क हादसे में जान चली गई थी। दोनों मामलों में परिवार को करीब सवा सात लाख रुपये की सहायता राशि मिलनी थी। सूबेदीन का आरोप है कि वे दो साल से विभाग के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन अधिकारी हर बार रिश्वत मांगकर टालता रहा।
सूबेदीन की शिकायत पर सोमवार को एंटी करप्शन संगठन ने जाल बिछाया था। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने शिकायतकर्ता को बनत बाईपास स्थित ढाबे पर बुलाया। जैसे ही सूबेदीन ने तय 15 हजार रुपये दिए, टीम ने तत्काल अधिकारी को दबोच लिया। मौके से रुपये बरामद हुए और उसके सरकारी आवास से 21.45 लाख रुपये भी जब्त किए गए।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी से कई अहम खुलासे हुए हैं। शक है कि उसने अन्य मामलों में भी सहायता राशि के नाम पर लोगों से अवैध वसूली की हो। यदि आवश्यकता हुई तो उसे रिमांड पर लेकर गहराई से पूछताछ की जाएगी।
- कर्ज लेकर दिए थे रुपये
सूबेदीन का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। उन्होंने बार-बार अधिकारी से मिन्नतें कीं कि वे रुपये नहीं जुटा सकते, लेकिन वह नहीं माना। दस से अधिक बार बिना रुपयोें की मदद की गुहार लगाई थी। आखिरकार उन्होंने कर्ज लेकर 15 हजार रुपये दिए थे, तभी एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ दबोच लिया।