गढ़ीपुख्ता। ऊन सीएचसी पर इमरजेंसी सेवा बंद करने और केंद्र पर बन रहे 30 बेड के भवन में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक से की गई है।
अखिल भारतीय भ्रष्टाचार निवारण समिति के राष्ट्रीय महासचिव तेजपाल सिंह गुर्जर ने उन्हें लखनऊ में शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कस्बे में सीएचसी की स्थापना करीब 6 वर्ष पूर्व हुई थी, उससे पूर्व भी यहां पर पीएचसी में इमरजेंसी सेवाएं संचालित थी। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अब इमरजेंसी सेवाएं बंद कर दी। जिससे पूरे क्षेत्र के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। केंद्र पर बन रहा ऑक्सीजन प्लांट का कार्य भी बंद करा दिया गया। अब सीएचसी पर 30 बेड के नए भवन का निर्माण हो रहा है। जिसमें घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। क्षेत्र में कोई प्राइवेट अस्पताल नहीं है न ही कोई एमबीबीएस डॉक्टर है, लेकिन फिर भी तहसील मुख्यालय होने के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं पंगु बनी है। उन्होंने इमरजेंसी सेवाएं तत्काल बहाल करने तथा सीएचसी पर हो रहे भ्रष्टाचार की जांच कर कार्रवाई कराने की मांग की है।