अंबाला-शामली इकनॉमिक कॉरिडोर की डीपीआर में लगेंगे दो साल
शामली। 110 किमी लंबाई के प्रस्तावित अंबाला- शामली इकनॉमिक कॉरिडोर को थानाभवन क्षेत्र के भैसानी इस्लामपुर और हसनपुर लुहारी के पास दिल्ली- देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। देहरादून कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, जबकि अंबाला-शामली कॉरिडोर की डीपीआर तैयार होने में दो साल लगेंगे। इसके लिए सक्षम अधिकारी एडीएम वित्त राजस्व अरविंद कुमार को नामित्त किया गया है।
भारत माला परियोजना के तहत हरियाणा के अंबाला और वेस्ट यूपी के सहारनपुर को जोड़ते हुए शामली जिले तक छह लेन का इकनॉमिक कॉरिडोर प्रस्तावित है। 110 किमी लंबे इस कॉरिडोर को शामली जिले मेें थानाभवन के पास दिल्ली- शामली साहरनपुर हाईवे को जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही भैसानी इस्लामपुर और हसनपुर लुहारी गांव में दिल्ली- देहारादून इकनॉमिक कॉरिडोर भी इससे जुड़ेगा। दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।
अंबाला-शामली इकनॉमिक कॉरिडोर की डीपीआर बनाने का कार्य अंबाला डिवीजन की पीआईयू को सौंपा गया है। छह लेन के इस कॉरिडोर में पहले शामली के 24 गांवों को शामिल किया गया था, लेकिन बाद में 12 गांवों को शामिल करते हुए जिला प्रशासन को भूूमि अर्जन की कार्रवाई के लिए कहा गया है। अंबाला डिविजन की पीआईयू के उपप्रबंधक रविंद्र दलाल ने बताया कि अंबाला- शामली नए इकनॉमिक कॉरिडोर की डीपीआर तैयार होने में दो साल लगेंगे। इसकी तीन ए की अधिसूचना का प्रकाशन होने में भी काफी समय लगेगा। भारत सरकार के केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय एंव राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नई दिल्ली की ओर से सक्षम अधिकारी के रुप में एडीएम वित्त और राजस्व अरविंद कुमार को नियुक्त कर दिया गया है।